India UK Trade Deal: भारत-ब्रिटेन ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर किया साइन, अब 99% एक्सपोर्ट पर नहीं लगेगा टैरिफ

India UK Trade Deal: भारत और ब्रिटेन ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया, जिससे 99% भारतीय एक्सपोर्ट पर टैरिफ हटेगा। इससे वस्त्र, समुद्री उत्पाद, रत्न-आभूषण जैसे क्षेत्रों को फायदा होगा और ब्रिटिश प्रोडक्ट्स भारत में सस्ते होंगे।

अपडेटेड Jul 24, 2025 पर 4:38 PM
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से लंबी अवधि में ब्रिटेन का भारत को निर्यात लगभग 60% तक बढ़ेगा।

India UK Trade Deal: भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर 24 जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान हस्ताक्षर हो गया। यह डील 6 मई को तय हुई थी और इसे अंतिम रूप देने में लगभग तीन महीने लगे। इसमें कानूनी जांच और ऑटोमोबाइल पर टैरिफ छूट से जुड़े मसलों को तय किया गया।

पीएम मोदी ने समझौते पर क्या कहा

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन करने के बाद कहा कि भारत और ब्रिटेन के संबंध आज ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुके हैं। कई साल की मेहनत के बाद दोनों देशों ने एक व्यापक आर्थिक व्यापार साझेदारी (Comprehensive Economic Trade Partnership) को अंतिम रूप दिया है।


उन्होंने कहा, 'भारत के वस्त्र, जूते, समुद्री खाद्य पदार्थ, इंजीनियरिंग सामान, रत्न और आभूषणों का निर्यात अब ब्रिटेन के बाजार में और बेहतर पहुंच पाएगा। भारत के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। यह FTA खासतौर पर भारत के युवाओं और किसानों के लिए लाभकारी होगा। वहीं, ब्रिटेन के मेडिकल डिवाइस और एयरोस्पेस पार्ट्स जैसे उत्पाद अब भारत में सस्ते दामों पर उपलब्ध हो सकेंगे।'

पीएम मोदी के साथ ब्रिटेन दौरे पर गए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता किसानों के लिए बड़ी जीत है, क्योंकि इससे लगभग 95% कृषि उत्पादों का निर्यात शून्य शुल्क (ड्यूटी-फ्री) पर किया जा सकेगा। वहीं, मछुआरों को भी 99% समुद्री उत्पादों पर शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।

ब्रिटिश PM ने बताया सबसे बड़ा करार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने कहा कि यह समझौता यूरोपीय यूनियन से अलग होने के बाद ब्रिटेन का 'सबसे बड़ा और आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण' करार है। उन्होंने कहा, 'यह करार दोनों देशों के लिए फायदेमंद है। यह मजदूरी बढ़ाएगा, जीवन स्तर सुधारेगा और आम लोगों की जेब में ज्यादा पैसा डालेगा। यह नौकरियों, कारोबार, टैरिफ कटौती और व्यापार को आसान, तेज और सस्ता बनाने के लिए अच्छा है।'

ब्रिटिश हाई कमीशन द्वारा पहले जारी एक बयान के अनुसार, यूके-भारत व्यापार समझौते से सालाना £25.5 बिलियन का द्विपक्षीय व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। यह करार हजारों नौकरियों को बढ़ावा देगा, टैरिफ घटाएगा और दोनों देशों के व्यवसायों के लिए बाज़ार में पहुंच बढ़ाएगा।

भारतीय निर्यातकों को फायदा

इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलेगा, क्योंकि करीब 99% टैरिफ लाइनों पर ड्यूटी खत्म कर दी जाएगी। यह लगभग पूरे व्यापार मूल्य को कवर करती हैं। इससे खासकर से श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे कि टेक्सटाइल्स, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, जूते-चप्पल, खेल का सामान, खिलौने, रत्न और आभूषण के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

ब्रिटेन को क्या मिलेगा

वहीं, भारत बदले में ब्रिटिश सामानों पर औसत टैरिफ 15% से घटाकर 3% करेगा। इससे ब्रिटेन के सॉफ्ट ड्रिंक्स, कॉस्मेटिक्स, कार और मेडिकल डिवाइसेज को भारतीय बाजार में बेचना आसान होगा। ब्रिटेन की व्हिस्की पर भारत शुल्क को मौजूदा 150% से घटाकर 75% करेगा, और अगले 10 सालों में इसे और घटाकर 40% कर दिया जाएगा।

ब्रिटेन का 60% बढ़ेगा निर्यात

इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से लंबी अवधि में ब्रिटेन का भारत को निर्यात लगभग 60% तक बढ़ेगा। द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 39% की बढ़ोतरी होगी। इसका अनुमानित वार्षिक मूल्य £25.5 अरब होगा। इसके साथ ही ब्रिटेन की फाइनेंशियल और प्रोफेशनल बिजनेस सर्विस कंपनियों को भारत के तेजी से बढ़ते बाजार में विस्तार करने की पक्की अनुमति मिलेगी।

3 साल से हो रही थी FTA की कोशिश

दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर औपचारिक बातचीत 2022 में शुरू हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसे यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद ब्रिटेन के लिए एक अहम लक्ष्य बताया था। जॉनसन ने इसे अक्टूबर 2022 के दिवाली त्योहार तक पूरा करने का वादा किया था।

हालांकि, 13 दौर की बातचीत के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला और 2024 में दोनों देशों में आम चुनाव के चलते बातचीत रोक दी गई थी। इसके बाद नरेंद्र मोदी फिर से भारत के प्रधानमंत्री बने, और ब्रिटेन में कंजरवेटिव पार्टी की जगह कीर स्टारम्र की सेंटर-लेफ्ट लेबर पार्टी सत्ता में आई।

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