RBI ने अडानी ग्रुप को बैंकों के कर्ज पर सफाई पेश की, कहा-बैंकों की तरफ से समूह को दिया गया कर्ज ज्यादा नहीं

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों को बैंकों की तरफ से दिए गए लोन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इससे बैंकों के शेयरों में निवेश करने वाले लोग चिंतित हैं। RBI की सफाई आने के बाद निवेशकों की चिंता दूर हो जाने की उम्मीद है

अपडेटेड Feb 08, 2023 पर 2:01 PM
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अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग की रिसर्च रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की वित्तीय स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े किए गए हैं।

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने अडानी ग्रुप की कंपनियों को बैंकों के कर्ज पर तस्वीर साफ करने की कोशिश की। 8 फरवरी (बुधवार) को उन्होंने कहा कि NBFC सहित इंडियन बैंकिंग सेक्टर पूरी तरह मजबूत है। अडानी ग्रुप को बैंकों की तरफ से दिए गए कर्ज को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं है। अडानी ग्रुप इन दिनों मुश्किल का सामना कर रहा है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद इस समूह की कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस पूरे मामले पर RBI गवर्नर का पहली बार बयान आया है। इससे बैंकों के शेयरों के निवेशकों की चिंता कम होगी।

बैंकिंग सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए गए

मॉनेटरी पॉलिसी पेश करने के बाद मीडिया से बातचीत में दास ने कहा, "मैं सिर्फ यह कहना चाहूंगा कि इंडियन बैंकिंग सेक्टर लचीला और मजबूत है।" उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार सालों में आरबीआई ने इस सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, "बैंकों को रेगुलेट करने के लिए हमने स्पष्ट गाइडलाइंस पेश की है। ऑडिट कमेटी पर गाइडलाइंस हैं। हमने बैंकों में चीफ रिस्क ऑफिसर्स के अप्वाइंटमेंट को भी अनिवार्य बनाया है।"


बड़े बैंकों ने अडानी ग्रुप की कंपनियों को दिए हैं कर्ज

अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग की रिसर्च रिपोर्ट आने के बाद अडानी ग्रुप सुर्खियों में आ गया। इस रिपोर्ट में ग्रुप की वित्तीय स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े किए गए हैं। इस वजह से समूह की कई कंपनियों के शेयरों की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। इसके बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों को बैंकों की तरफ दिए गए कर्ज को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बड़े बैंकों ने अडानी ग्रुप की कंपनियों को काफी कर्ज दिए हैं। CLSA की रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रुप के कुल कर्ज में बैंक लोन की हिस्सेदारी 38 फीसदी है।

अडानी ग्रुप ने लिक्विडिटी की समस्या से इनकार किया

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल कर्ज में कमर्शियल पेपर्स और बॉन्ड की हिस्सेदारी 37 फीसदी है। 11 फीसदी कर्ज फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस ने दिए हैं। बाकी 12-13 फीसदी ग्रुप की कंपनियों ने एक-दूसरे को दिए हैं। अडानी ग्रुप ने लिक्विडिटी और बैंक कर्ज को चुकाने में किसी तरह की समस्या से इनकार किया है।

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