देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की योजना मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 में देशभर में 400 नए ब्रांच खोलने की है। बैंक नेटवर्क विस्तार की योजना के तहत यह कदम उठाने जा रहा है। पब्लिक सेक्टर बैंक ने पिछले वित्त वर्ष में 137 ब्रांच खोले हैं। इनमें से 59 नए ग्रामीण ब्रांच हैं। एसबीआई के शेयरों में बीते शुक्रवार को 0.88 फीसदी की गिरावट आई है और यह स्टॉक BSE पर 836.40 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इस गिरावट के साथ कंपनी मार्केट कैप घटकर 7.46 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
एसबीआई के चेयरमैन दिनेश खारा ने एक इंटरव्यू में कहा, "किसी ने मुझसे पूछा कि 89 फीसदी डिजिटल और 98 फीसदी लेनदेन ब्रांच के बाहर हो रहे हैं, क्या अब ब्रांच की जरूरत है। मेरा जवाब हां है। यह अब भी जरूरी है क्योंकि नए एरिया उभर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि अधिकांश सलाहकार और वेल्थ सर्विसेज केवल ब्रांच के जरिये दी जा सकती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उन जगहों की पहचान कर रहे हैं जहां संभावनाएं मौजूद हैं। उन जगहों पर हमारी चालू वित्त वर्ष में 400 नए ब्रांच खोलने की योजना है।’’ मार्च 2024 तक एसबीआई की देशभर में 22542 ब्रांच थीं।
सब्सिडियरी कंपनियों के मोनेटाइजेशन के बारे में पूछे जाने पर खारा ने कहा कि एसबीआई उन्हें लिस्ट करने से पहले उनके ऑपरेशन को और बढ़ाएगा। उनके ऑपरेशन को बढ़ाने से वैल्यूएशन में वृद्धि होगी और मूल कंपनी एसबीआई के लिए बेहतर रिटर्न सुनिश्चित होगा। चेयरमैन ने कहा कि सब्सिडियरी कंपनियों की बात करें तो उनका मोनेटाइजेशन कैपिटल मार्केट के माध्यम से होगा।