अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) ने गुरुवार को फिनेटक फर्म भारतपे (BharatPe) और उसके चेयरमैन रजनीश कुमार (Rajnish Kumar) पर तीखा हमला बोला। अशनीर ने कहा कि भारतपे अब एक 3 अरब डॉलर का राइट-ऑफ है और इसकी वैल्यू को चेयरमैन रजनीश कुमार ने नष्ट कर दिया है। अशनीर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उनके और उनके परिवार के सदस्यों पर विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। अशनीर ग्रोवर, भारत के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर है और को-फाउंडर है। हालांकि पिछले साल कंपनी के बोर्ड से एक लंबे विवाद के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
ग्रोवर ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "भारतपे अब कोई कंपनी नहीं है। यह एक 3 अरब डॉलर का राइट-ऑफ है, जिसकी वैल्यू को रजनीश कुमार ने नष्ट किया है। मैंने पहले भी ये बात कही थी कि उनको हायर करना मेरी एक बड़ी गलती थी।"
उन्होंने कहा, "जब से मैंने भारतपे छोड़ा है, कंपनी ने किसी भी मेट्रिक्स में जीरो ग्रोथ की है। हर कोई वहां से जा रहा है। आपको उनसे पूछना चाहिए कि उनका चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर सुहैल समीर क्यों चला गया।"
मनीकंट्रोल ने रजनीश कुमार से उनके बयान के लिए संपर्क किया है, और उनकी प्रतिक्रिया आने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा। सुहैल समीर इस साल जनवरी में भारतपे के सीईओ पद से हट गए थे। पिछले साल उनके और अशनीर ग्रोवर के बीच काफी विवाद देखा गया था।
ग्रोवर ने आरोप लगाया कि यह संयोग नहीं हो सकता है कि जब कोर्ट ने कल उनसे जुड़े एक मामले में अपना आदेश सुरक्षित रखा, उसके कुछ ही घंटों बाद EOW ने शाम 6 बजे एक दूसरे मामले में FIR दर्ज कर ली। ग्रोवर और उनका परिवार कम से कम 5 कानूनी कार्यवाहियों का सामना कर रहा है, जिसमें BharatPe और कंपनी के को-फाउंडर शाश्वत नकरानी और भाविक कोलाडिया ने उनके खिलाफ आरोप लगाए हैं।
BharatPe ने तो एक सिविल सूट के जरिए ग्रोवर और परिवार के सदस्यों से 88 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है। BharatPe का आरोप है कि ग्रोवर परिवार ने फर्जी बिल बनाए, कंपनी को सेवाएं देने के लिए फर्जी वेंडरों को सूचीबद्ध किया और हायरिंग के लिए कंपनी से अधिक फीस लिया।