दुनिया भर की टेक कंपनियों में इस छंटनी का सिलसिला चालू है। हालांकि ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal) ने अपनी कंपनी ने छंटनी की जगह हायरिंग बढ़ाने का संकेत दिया है। दीपिंदर ने 9 फरवरी को कंपनी के दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी करते हुए कहा, 'जौमैटो में विंटर नहीं आने वाला हैं।' बता दें कि 'विटंर आने वाला है' एक अंग्रेजी मुहावरा है, जिसका मतलब है कि मुश्किल दिन आने वाले हैं। लोकप्रिय वेब सीरीज 'गेम ऑफ थ्रोन्स' में ही इस मुहावरे का जमकर इस्तेमाल हुआ था। दीपिंदर ने इसी मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए कहा कि उनके यहां विटंर नहीं आने वाला है। दीपिंदर दिसंबर तिमाही में कंपनी का घाटा बढ़ने के बावजूद अभी भी आशावादी बने हुए हैं।
दीपिंदर ने टेक सेक्टर में जारी सुस्ती को "अस्थायी झटका" बताया। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, "दुनियाभर में कंपनियां भले ही रक्षात्मक मुद्रा में आ गई हों, लेकिन हमारा मानना है कि आक्रामक रहना ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। यह बेहतरीन टैलेंट की तलाश करने का सबसे अच्छा समय है।"
गोयल ने कहा कि तीसरी तिमाही में घाटे के नतीजे के बावजूद जोमैटो आने वाले महीनों में मुनाफा हासिल करने की राह पर है।
Zomato ने दिसंबर तिमाही में 347 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है, जो एक साल इसी तिमाही में 63 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 75 फीसदी बढ़कर 1,948 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले 1,112 करोड़ रुपये था।
गोयल ने एक ट्वीट में इस ओर भी ध्यान दिलाया की कंपनी की 'Zomato Gold' सर्विस की एक महीने से भी कम समय में 9 लाख से अधिक यूजर्स इकठ्ठा हो गए हैं। उन्होंने अनुमान लगाया कि जोमैटो की घर की तरह खाना देने की सर्विस 'Zomato Everyday' भी बाजार में बराबर खलबली मचाने वाली है।
डिलीवरी पार्टनर के हितों के बारे में गोयल ने कहा कि Zomato ड्यूटी के दौरान अपने किसी भी पार्टनर की एक्सिडेंट आदि से मौत नहीं होने को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हम इसके लिए तत्काल एंबुलेंस सहायता, सभी डिलीवरी पार्टनर के एसेट्स पर रिफ्लेक्टर सहित कई अन्य पहल कर काम रहे हैं।"