BharatPe के रोजाना के कामकाज में नहीं शामिल होंगे फाउंडर अशनीर ग्रोवर, अपने व्यक्तित्व पर करेंगे काम: CEO सुहैल समीर
समीर की टिप्पणी मनीकंट्रोल की उस रिपोर्ट के बाद आई है कि जिसमें बताया गया कि BharatPe के बोर्ड ने अशनीर ग्रोवर को कुछ समय के कंपनी से छुट्टी पर भेजने का फैसला किया है
MoneyControl News
अपडेटेड Jan 19, 2022 पर 10:16 PM
BharatPe के सीईओ, सुहैल समीर
भारतपे (BharatPe) के बोर्ड ने बुधवार को एक बयान जारी कर बताया कि कंपनी के फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) कुछ समय के लिए छुट्टी पर जा रहे हैं। इसके कुछ ही देर बाद मनीकंट्रोल ने BharatPe के सीईओ सुहैल समीर (Suhail Sameer) से बात की और इस फैसले के पीछे के कारणों को समझने की कोशिश की। समीर ने बताया कि ग्रोवर इस दौरान कंपनी के रोजाना कामकाज में भाग नहीं लेंगे और छुट्टी के दौरान अपने व्यक्तित्व पर फोकस करेंगे। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही कंपनी को वापस ज्वाइन करेंगे।
समीर की टिप्पणी मनीकंट्रोल की उस रिपोर्ट के बाद आई है कि जिसमें बताया गया था कि BharatPe के बोर्ड ने अशनीर ग्रोवर को कुछ समय के कंपनी से छुट्टी पर भेजने का फैसला किया है। पेश है बातचीत के संपादित अंश:
अशनीर ग्रोवर के छुट्टी पर जाने से BharatPe में क्या बदलाव आएगा?
BharatPe में कुछ भी नहीं बदलता है। मैं BharatPe का सीईओ था और सीईओ बना रहूंगा। अशनीर हमेशा से फाउंडर थे और आगे भी रहेंगे। अशनीर ने खुद ही छुट्टी पर जाने का प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा था क्योंकि उन्हें वह इस बारे में बिल्कुल स्पष्ट थे कि यह एक सुनियोजित हमला है। ऐसे में उन्होंने कंपनी से खुद को अलग करने का फैसला किया, जिससे कि अगर लोग आगे भी उन पर हमला जारी रखते हैं, तो इसका असर BharatPe पर न पड़े।
बोर्ड के किसी भी सदस्य ने कभी भी अशनीर को छुट्टी पर जाने का सुझाव नहीं दिया। अशनीर ने कुछ दिनों पहली बार खुद इसे सबके सामने रखा था। हम सभी ने तब उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
विवाद के पहले ही दिन। जब इस बारे में पहला आर्टिकल मीडिया में प्रकाशित हुआ। उन्होंने कहा कि मैं कोटक के साथ अपनी व्यक्तिगत स्थिति को BharatPe पर नहीं आने देना चाहता हूं और मैं इस मामले को भी सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाना चाहता हूं। उस वक्त हम सभी सोच रहे थे कि वह ओवर-रिएक्ट कर रहे हैं। लेकिन फिर वह इस पर जोर देते रहें और फिर हमें भी कुछ समय बाद उनके तर्कों में दम दिखाई दिया।
तो आपने पहले अशनीर के सुझाव को ठुकरा दिया?
सिर्फ मैंने नहीं, अशनीर के प्रस्ताव को बोर्ड ने खारिज किया था। उन्होंने कहा कि उन पर हमला किया जा रहा है लेकिन यह कंपनी पर नहीं आना चाहिए। हम सभी ने अशनीर के साथ चर्चा की। उन्होंने अपना नजरिया स्पष्ट किया। हम सभी ने आपस में चर्चा की और सही कहें तो हमारी अब तक की सबसे छोटी बातचीत थी। हम सब ने एकमत होकर अशनीर से कहा- आपका दिमाग काम नहीं कर रहा है। ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। यह सब बस कुछ दिनों की बात है, जो चुटकियों में खत्म हो जाएगा। लेकिन फिर यह नहीं खत्म हुआ। इस दौरान अशनीर लगातार जोर देते रहे हैं कि यह सबकुछ तब तक खत्म नहीं होगा जब तक अशनीर ग्रोवर नाम का शख्स खुद को BharatPe से अलग नहीं करता है। तो यह सब अशनरी की व्यक्तिगत सिफारिश थी और फिर हम अंत में उन्हें छुट्टी पर भेजने पर राजी हो गए। हम सभी ने पहले सर्वसम्मति से जिस प्रस्ताव को खारिज किया, उसी प्रस्ताव को फिर से सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।
अगले कुछ महीनों तक अशनीर की क्या भूमिका रहेगी?
कोई भूमिका नहीं रहेगी। वह बोर्ड के सदस्य बने रहेंगे, लेकिन वह कंपनी के रोजाना के कामकाज में शामिल नहीं होंगे। वह छुट्टी तक ऑफिस नहीं आने वाले हैं। बल्कि वह इस समय का इस्सेमाल आम तौर पर व्यक्तिगत और व्यावसायिक आयामों को तराशने और यह पता करने में करेंगे कि एक कंपनी के रूप में हमें क्या करना चाहिए।
यह उनके लिए यह सोचने का अवसर है कि हमें BharatPe में और क्या करना चाहिए। अगर हमें किसी समय IPO तक पहुंचना है तो प्रॉफिट और लॉस का कैलकुलेशन कैसे बदलना चाहिए। वह अपना कुछ समय व्यक्तिगत चिंतन और खुद को नए जोश से सराबोर करने पर भी बिताएंगे। वह पिछले चार साल से अथक परिश्रम कर रहे हैं।
क्या यह उनके पूरी तरह से निकलने का संकेत हो सकता है?
कतई नहीं। अशनीर कहीं नहीं जा रहे हैं। वह BharatPe के फाउंडर हैं। वह BharatPe के अभिन्न अंग हैं।
क्या अशनीर के छुट्टी पर जान से अब आपको और भाविक कोलाडिया को कंपनी में बड़ी भूमिकाएं मिलेंगी?
नहीं। मैं 8-9 महीने से सीईओ हूं। कंपनी के ज्यादातर एग्जिक्यूटिव्स पहले ही मुझे रिपोर्ट करते थे। शायद अब कुछ और जोड़े जाएंगे। अशनीर तो पहले से ही अपना ज्यादातर समय फंड जुटाने, रेप्युटेशन मैनेजमेंट आदि पर खर्च करते थे। इसलिए टीम में किसी की भूमिका में कोई खास बदलाव नहीं आने वाला है।
आपके कर्मचारी इस बारे में क्या कह रहे हैं? आप उनकी चिंताओं को कैसे दूर करेंगे?
हमने कर्मचारियों से बातचीत के लिए टाउनहॉल आयोजित किया। मीडिया वाले चाहे जो भी लिखे, हमारी वर्क-कल्चर बहुत ही मिलनसार है। हम एक दूसरे के साथ अविश्वसनीय रूप से जुड़े हुए हैं। स्टार्टअप चलाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। हमने टाउनहाल के जरिए बताया कि कंपनी का मैनेजमेंट क्या सोच रहा है और कंपनी का इससे क्या फायदा और नुकसान है।