देश की सबसे अधिक वैल्यूएशन वाले एडटेक कंपनी बायजूस (Byju’s) को एक नया झटका लगा है। बायजूस के लेनदारों यानी क्रेडिटर्स ने कंपनी के साथ 1.2 अरब डॉलर के लोन को रिस्ट्रक्चर करने के लिए चल रही बातचीत से कदम वापस खींच लिए हैं। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने गुरुवार 1 जून को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक यह बातचीत तब बंद हुई, जब क्रेडिटर्स कंपनी के खिलाफ कोर्ट गए और उस पर फंडिंग से जुटाए 50 करोड़ डॉलर की राशि को छिपाने का आरोप लगाया। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि क्रेडिटर्स अब बायजूस के टर्म लोन B सिक्योरिटीज को बेच सकते हैं क्योंकि बातचीत के कारण इसके बेचने पर लगी रोक अब हट गई है।
यह कदम बायजूस के लिए एक नई चुनौती है, जो समय से पूर्व भुगतान और अधिक कूपन रेट ऑफर कर क्रेडिटर्स को लोन रिस्ट्रक्चरिंग के लिए मनाने में लगी है।
एक सूत्र ने बताया कि लेनदारों की संचालन समिति ने बातचीत बंद कर दी है। लेकिन बायजूस अब सभी लेनदारों तक अलग-अलग पहुंचकर उन्हें स्वतंत्र रूप ले लोन की शर्तों पर फिर से बातचीत के लिए मनाने की कोशिश करेगी।
रिपोर्ट में सूत्रों ने बताया कि बायजूस को 5 जून तक कर्ज पर ब्याज का भुगतान करना है। कंपनी के वकील ने पिछले महीने एक अमेरिकी अदालत में कहा कि फर्म को जल्द ही "एक बड़ी फंडिंग" मिलेगी, जिससे वह अपने लोन का भुगतान कर सकेगी। इसके साथ वकील ने लोन के रूप में जुटाए फंड्स को छिपाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
बायजू के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा, उधार ली गई फंड्स का ट्रांसफर "पूरी तरह लोन समझौते के मुताबिक था और यह इसके किसी भी शर्तों या नियमों का उल्लंघन नहीं करता था।" प्रवक्ता ने कहा "यहां तक कि लेंडर्स भी ने यह आरोप नहीं लगाया है कि उसे कॉन्ट्रैक्चुअल एग्रीमेंट के तहत ट्रांसफर की अनुमति नहीं थी।"
बायजूस ने लेनदारों को लोन रिस्ट्रक्चर करने के लिए 2026 में बकाया लोन पर 3% तक कूपन रेट बढ़ाने और कुछ हिस्से का समय से पहले भुगतान का ऑफर दिया था।