बायजूस (Byju's) ने अमेरिका की अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फर्म डेविडसन केम्पनर (Davidson Kempner) से 25 करोड़ डॉलर (करीब 2055 करोड़ रुपये) की भारी फंडिंग जुटाई है। बायजूस को इस फंडिंग की काफी जरूरत थी। बता दें कि बायजूस दुनिया की सबसे मूल्यवान एडटेक कंपनी है। इससे पहले मनीकंट्रोल ने पिछले हफ्ते जारी एक रिपोर्ट में बताया था बायजूस विभिन्न वित्तीय माध्यमों के जरिए अमेरिका और मिडिल ईस्ट की कुछ इनवेस्टमेंट कंपनियों 1 अरब डॉलर तक की रकम जुटाने की योजना है। इस 1 अरब डॉलर में 30 करोड़ डॉलर तक की रकम को स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट के जरिए जुटाया जाएगा, जबकि बाकी रकम को इक्विटी के जरिए जुटाया जाए। यह रकम 22 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर जुटाई जाएगी।
स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स, शेयरों पर आधारित इनवेस्मेंट प्रोडक्ट होते हैं, जो बाजार से लिंक होते हैं। इन्हें आईपीओ के समय में शेयर में बदलने (आमतौर पर डिस्काउंट पर) का विकल्प होता है। बायजूस का मौजूदा फंडिंग राउंड अगले एक महीने में पूरा हो सकता है।
बायजूस और डेविडन और केम्पनर ने इस मामले में टिप्पणी से इनकार कर दिया।
यह फंडिंग एक तरह से संकेत होगा कि फर्म के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन में निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाल ही में इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के प्रावधानों के तहत इसके ऑफिसों में छापे मारे थे, जिसके बाद इसके कारोबारी तरीकों पर सवाल उठने शुरू हुए थे।
इसके अलावा इस फंडिंग को लेकर बातचीत ऐसे समय में चल रही है, जब देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में फंडिंग की भारी कमी देखी जा रही है। स्टार्टअप्स में बढ़चढ़ निवेश करने वाले कई निवेशकों ने अपने दांव में 80 फीसदी तक की कटौती कर ली है। इसके अलावा निवेशक एडटेक कंपनियों में पैसे लगाने से बच रहे हैं क्योंकि कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन लर्निंग की मांग में कमी देखी जा रही है।
ताजा फंडिंग से बायजूस को अपने 1.2 अरब डॉलर के टर्म लोन-बी के एक हिस्से को पूरा करने में मदद मिलेगी। बायजूस ने यह टर्म लोन 2021 में जुटाया था और यह देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के सबसे बड़े टर्म लोन में से एक था।