वित्त मंत्रालय ने एंजेल टैक्स (Angel) में बड़ा बदलाव किया है। मंत्रालय ने गुरुवार 25 मई को जारी एक नोटिफिकेशन में कहा कि अमेरिका, इंग्लैंड और फ्रांस सहित अब 21 देशों से भारतीय स्टार्टअप्स (Startups) में आने वाले निवेश पर एंजेल टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि इन लिस्ट में सिंगापुर, नीदरलैंड और मॉरीशस जैसे देशों के निवेश शामिल नहीं हैं। केंद्र सरकार ने इस साल बजट में गैर-सूचीबद्ध स्टार्टअप्स में विदेशों से आने वाले निवेश पर एजेंल टैक्स लगाने का प्रावधान रखा था। हालांकि इस टैक्स से उन स्टार्टअप्स को राहत दी गई थी, जिन्हें डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंट इंटरनल ट्रेड (DPIIT) मान्यता देता है।
इस प्रावधान के बाद स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल इंडस्ट्री ने सरकार से संपर्क कर कुछ खास कैटेगरी के विदेशी निवेशकों के लिए छूट की मांग की थी। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने 24 मई को उन निवेशकों की श्रेणियों की लिस्ट जारी की, जो एंजेल टैक्स के दायरे में नहीं आएंगे।
नोटिफिकेशन के मुताबिक, 21 देशों के कुछ कैटेगरी के निवासियों के निवेश करने पर एंजेल टैक्स नहीं लगेगा। इनमें सेबी (SEBI) के पास कैटेगरी-I FPI के तहत रजिस्टर्ड एंटिटी, एंडाउमेंट फंड्स, पेंशन फंड्स और पूल्ड इनवेस्टमेंट व्हीकल्स शामिल हैं। इन देशों में अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और स्पेन आदि शामिल हैं।
लिस्ट में जो अन्य देश शामिल हैं, उनमें ऑस्ट्रिया, कनाडा, चेक गणराज्य, बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, इजरायल, इटली, आइसलैंड, जापान, कोरिया, रूस, नॉर्वे, न्यूजीलैंड और स्वीडन हैं। CBDT का यह नोटिफिकेशन 1 अप्रैल से प्रभावी हो गया है।
नांगिया एंडरसन इंडिया के चेयरमैन राकेश नांगिया ने कहा कि लिस्ट में इन देशों स्पष्ट जिक्र करके सरकार ने यह साफ कर दिया है, उसका उद्देश्य उन देशों से भारत में अधिक विदेशी निवेश (FDI) लाना है, जिनके पास मजबूत नियामक ढांचा है। नांगिया ने कहा, "हालांकि हैरानी की बात है कि सिंगापुर, आयरलैंड, नीदरलैंड, मॉरीशस जैसे देश इस लिस्ट में शामिल नहीं है, जहां से अधिकतर FDI भारत में आता है।"