भारतपे (BharatPe) के पूर्व एमडी अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) को दिल्ली हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने ग्रोवर को अपने पास रखे 3.09 फीसदी हिस्सेदारी यानी 16110 शेयरों के लिए कोई थर्ड पार्टी राइट्स बनाने से रोक दिया है। कोर्ट ने भारतपे के फाउंडर भाविक कोलाडिया (Bhavik Koladia) की याचिका पर यह आदेश दिया है। कोलिडिया ने अपने शेयरों पर दावा हासिल करने के लिए ग्रोवर के खिलाफ यह याचिका दायर किया हुआ है। ग्रोवर की भारतपे में करीब 8.5 फीसदी हिस्सेदारी थी। इसमें से 1.4 फीसदी हिस्सेदारी उन्हें कंपनी से बाहर निकलने के बाद छोड़नी पड़ी। वहीं कोलाडिया ने 3.09 फीसदी हिस्सेदारी पर दावा किया है और अगर दोनों दावे ग्रोवर के खिलाफ चले जाते हैं तो भारतपे में उनकी हिस्सेदारी घटकर आधी यानी करीब 4 फीसदी रह जाएगी।
