Unicorns : 51 यूनिकॉर्न ने फाइल किए FY22 के नतीजे लेकिन सिर्फ 6 को हुआ प्रॉफिट, जानिए कौन रहा सबसे आगे

India’s unicorns : स्टार्टअप पिछले दो साल से ग्रोथ को प्राथमिकता दे रही थीं और देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अरबों डॉलर लगा रही थीं। कोविड-19 में घर पर रहने की बंदिशों के चलते टेक्नोलॉजी आधारित ऑफरिंग की डिमांड बढ़ गई थी और इसे भुनाने के लिए ज्यादातर फाउंडर्स ने ‘हर कीमत पर ग्रोथ’ पर ध्यान केंद्रित किया था

अपडेटेड Feb 15, 2023 पर 5:07 PM
India s unicorns : यह डेटा रेगुलेटरी फाइलिंग्स, प्राइवेट मार्केट एन्फोर्मेशन पोर्टल Tracxn और मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारियों से इकट्ठा किया गया है

India’s unicorns : मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA) में वित्त वर्ष 2021-22 के नतीजे फाइल करने वाले भारत के 51 यूनिकॉर्न्स में से सिर्फ छह ही प्रॉफिटेबिल हैं। ये कंपनियां पिछले दो साल से ग्रोथ को प्राथमिकता दे रही थीं और देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अरबों डॉलर लगा रही थीं। कोविड-19 में घर पर रहने की बंदिशों के चलते टेक्नोलॉजी आधारित ऑफरिंग की डिमांड बढ़ गई थी और इसे भुनाने के लिए ज्यादातर फाउंडर्स ने ‘हर कीमत पर ग्रोथ’ पर ध्यान केंद्रित किया था। भले ही यूनिकॉर्न्स को साल के लिए मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज करने में मिली, लेकिन ऐसा भारी खर्च की कीमत पर हुआ। इससे उनका घाटा बढ़ता गया।

एक साल पहले 9 यूनिकॉर्न थीं फायदे में

वित्त वर्ष 21 में जहां नौ यूनिकॉर्न प्रॉफिटेबिल थे, वहीं इनमें से तीन को वित्त वर्ष 22 में घाटे में चले गए।

यह डेटा रेगुलेटरी फाइलिंग्स, प्राइवेट मार्केट एन्फोर्मेशन पोर्टल Tracxn और मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारियों से इकट्ठा किया गया है। इस डेटा से जोमैटो, पेटीएम और डेल्हीवरी जैसे लिस्टेड यूनिकॉर्न्स को अलग रखा गया है। साथ ही, जिरोधा और जोहो भी इससे अलग हैं, क्योंकि अभी तक बाहरी फंडिंग नहीं जुटाए जाने के कारण तकनीक रूप से इन कंपनियों को यूनिकॉर्न नहीं कहा जा सकता।


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इस कंपनी को हुआ सबसे ज्यादा प्रॉफिट

डेटा से पता चलता है कि वित्त वर्ष 51 यूनिकॉर्न (unicorns) में से ऑफबिजनेस (OfBusiness) को सबसे ज्यादा 201 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ, जो एक साल पहले के 56 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग चार गुना था।

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सॉफ्टबैंक (SoftBank), टाइगर ग्लोबल (Tiger Global) और अल्फा वेव ग्लोबल (Alpha Wave Global) सहित कई इनवेस्टर्स वाली कंपनी वित्त वर्ष 22 के दौरान सालाना आधार पर रेवेन्यू में 313 फीसदी ग्रोथ दर्ज करने में कामयाब रही।

कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री को सेवाएं देने वाला प्लेटफॉर्म Infra.Market साल के दौरान 100 करोड़ रुपये से ज्यादा प्रॉफिट कमाने वाला अकेला दूसरा यूनिकॉर्न रहा। वित्त वर्ष 22 में सालाना आधार पर कंपनी का प्रॉफिट पांच गुना बढ़ गया।

इस दौरान BrowserStack का प्रॉफिट 60 फीसदी बढ़कर 75.3 करोड़ रुपये हो गया। वहीं Uniphore Software ने 33.5 करोड़ रुपये प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि एक साल पहले कंपनी को 282 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

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घाटा ही घाटा

गौर करने की बात है कि 51 के ग्रुप में शामिल आठ फिनटेक यूनिकॉर्न में से कोई भी प्रॉफिटेबिल नहीं रही। BharatPe को FY22 में सबसे ज्यादा 5,600 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ, लेकिन यह मोटे तौर पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये के नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंस के कारण था।

 

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