India’s unicorns : मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA) में वित्त वर्ष 2021-22 के नतीजे फाइल करने वाले भारत के 51 यूनिकॉर्न्स में से सिर्फ छह ही प्रॉफिटेबिल हैं। ये कंपनियां पिछले दो साल से ग्रोथ को प्राथमिकता दे रही थीं और देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अरबों डॉलर लगा रही थीं। कोविड-19 में घर पर रहने की बंदिशों के चलते टेक्नोलॉजी आधारित ऑफरिंग की डिमांड बढ़ गई थी और इसे भुनाने के लिए ज्यादातर फाउंडर्स ने ‘हर कीमत पर ग्रोथ’ पर ध्यान केंद्रित किया था। भले ही यूनिकॉर्न्स को साल के लिए मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज करने में मिली, लेकिन ऐसा भारी खर्च की कीमत पर हुआ। इससे उनका घाटा बढ़ता गया।


