देश की सबसे अधिक वैल्यूएशन वाली स्टार्टअप्स बायजूस (Byju's) के लिए परेशानियां बढ़ती जा रही है। दुनिया की सबसे बड़ी ऑडिट फर्मों में से एक डेलॉयट (Deloitte) ने गुरुवार को बायजूस के स्टैट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditors) के पद से इस्तीफा दे दिया। डेलॉयट ने एक बयान में कहा, "कंपनी के वित्त वर्ष 2022 के वित्तीय नतीजे लंबे समय से रुके हुए हैं। इसके अलावा हमें वित्त वर्ष 2021 के ऑडिट रिपोर्ट संशोधनों के समाधान को लेकर भी कोई जानकारी नहीं मिला है। न ही वित्त वर्ष 2022 के फाइनेंशियल स्टेटमेंट और उससे जुड़े बुक और रिकॉर्ड के ऑडिट की तैयारी की स्थिति को लेकर कोई जानकारी मिला है। हम आज की तारीख तक ऑडिट शुरू नहीं कर पाए हैं।"
Deloitte ने आगे कहा, "इसके चलते ऑडिटिंग मानकों के मुताबिक, ऑडिट की योजना बनाने और उसे लागू करने और पूरा करने की हमारी क्षमता पर असर पड़ेगा। इन पहलुओं को देखते हुए, हम तत्काल प्रभाव से कंपनी के वैधानिक लेखा परीक्षक के रूप में अपना इस्तीफा दे रहे हैं।"
परिणामस्वरूप, लागू ऑडिटिंग मानकों के अनुसार ऑडिट की योजना बनाने, डिजाइन करने, प्रदर्शन करने और पूरा करने की हमारी क्षमता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। उपरोक्त के मद्देनजर, हम तत्काल प्रभाव से कंपनी के स्टैट्यूटरी ऑडिटर के रूप में अपना इस्तीफा दे रहे हैं।
बायजूस ने डेलॉयट के इस्तीफा देने के बाद अब "BDO (MSKA & Associates)" का अपना स्टैट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति वित्त वर्ष 2002 से अगले 5 सालों के लिए हुई है। BDO बायजूस के पूरे कंसॉलिडेटेड ग्रुप की स्टैट्यूटीर ऑडिटर होगी और IPO लॉन्च करने की तैयारी में जुटी आकाश एजुकेशनल सर्विस की भी ऑडिट करेगी।
Byju's ने इसे नियुक्त किया नया स्टैट्यूटरी ऑडिटर
बीडीओ (एमएसकेए एंड एसोसिएट्स) को डेलॉयट के प्रतिस्थापन के रूप में और वित्त वर्ष 2012 से शुरू होने वाले वर्ष के लिए अगले पांच वर्षों के लिए कंपनी के वैधानिक लेखा परीक्षक के रूप में नियुक्त किया है। बीडीओ समेकित समूह का वैधानिक लेखा परीक्षक भी होगा और आईपीओ-बाउंड आकाश एजुकेशनल सर्विसेज (Aakash Educational Services) का ऑडिट करेगा।
तीन बोर्ड मेंबरों ने भी दिया इस्तीफा
डेलॉयट ने यह इस्तीफा ऐसे समय में दिया है, जब इसके बोर्ड के तीन अहम सदस्यों ने भी अपना इस्तीफा दिया है। बताया जाता है कि बायजूस के फाउंडर बायजू रवींद्रन के साथ कुछ मसलों पर मतभेद की वजह से उन्होंने इस्तीफे दिए हैं। इसे देश के सबसे मूल्यवान स्टार्टअप के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।