भारतपे (BharatPe) के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। उन पर भारतपे के एक और को-फाउंडर, शाश्वत नाकरानी (Shashvat Nakran) मुकदमा करने की तैयारी में हैं। ये मुकदमा 'शेयरों का भुगतान नहीं करने' के मामले में होगा। गुरुवार 23 मार्च को आई कुछ रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है। बता दें कि करीब दो महीने पहले भारतपे के एक और को-फाउंडर भाविक कोलाडिया (Bhavik Koladiya) ने भी अशनीर ग्रोवर पर मुकदमा किया था। अशनीर ग्रोवर पिछले साल एक लंबे विवाद के बाद भारतपे से अलग हो गए थे।
क्या है BharatPe का मामला?
नाकरानी और कोलाडिया ने मिलकर मार्च 2018 में एक फिनटेक स्टार्टअप फर्म BharatPe की स्थापना की थी। अशनीर ग्रोवर उसी साल जुलाई में तीसरे को-फाउंडर और बोर्ड मेंबर के रूप में कंपनी के साथ जुड़े। रिपोपर्ट के मुताबिक उन्होंने 10 रुपये के फेसवैल्यू के कुल 3,192 शेयर खरीदे। इसमें से 2,447 शेयर नाकरानी से और 745 शेयर कोलाडिया से खरीदे गए थे।
आज एक शेयर की कीमत 4 लाख रुपये
मिंट ने मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के हवाले से कहा, "एक मुकदमे में नाकरानी का दावा है कि ग्रोवर ने अभी तक शेयरों के लिए भुगतान नहीं किया है और इसलिए, वह अपने शेयरों की वापसी की मांग कर रहे हैं।" सूत्र ने आगे बताया कि कहा, 'स्टॉक स्प्लिट के बाद अब 2,447 शेयर की संख्या बढ़कर 24,470 शेयर हो गई है और प्रत्येक शेयर की वैल्यू करीब 4 लाख रुपये है।'
मनीकंट्रोल इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।
BharatPe ने भी किया है केस
इससे पहले दिसंबर 2022 में BharatPe ने अशनीर ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन और परिवार के अन्य सदस्यों पर मुकदमा कर 88 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि ग्रोवर के परिवार ने फर्जी बिल बनाए, कंपनी को सेवाएं देने के लिए फर्जी वेंडरों को दिखाया और हायरिंग के लिए अधिक फीस लिया।
कंपनी ने ग्रोवर और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, डॉक्यूमेंट में हेरफेर और गबन सहित 17 मामलों में शिकायत दर्ज कराई है।