पेटीएम (Paytm) और जोमैटो (Zomato) जैसी नए जमाने की कंपनियों ने मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में अपने टॉप मैनेजमेंट के लोगों को सैंकड़ों करोड़ों रुपये का शेयर आधारित भुगतान किया है। ये जानकारी इन कंपनियों के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन खुलासे से सामने आई है। Paytm का पहली छमाही में अपनी अहम मैनेजमेंट शख्सियतों (KMPs), KMPs से जुड़े लोगों और डायरेक्टर्स के लिए एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन (ESOP) खर्च 564 करोड़ रुपये रहा है। इसके अलावा कंपनी ने KMPs के सैलरी, बोनस और इनसेंटिव पर भी इस दौरान 5.2 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
वहीं Zomato ने एक नियामकीय फाइलिंग में बताया कि उसका मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में KMPs के लिए ESOP का खर्च 380 करोड़ रुपये रहा है।
इस दौरान Paytm ने जहां पहली छमाही में 1,217 करोड़ रुपये को घाटा दर्ज किया। वहीं Zomato को इस दौरान 435 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
एक ऐसे समय में जब पेटीएम (Paytm), जोमैटो (Zomato), पॉलिसीबाजार (Policybazaar) और डेल्हीवरी (Delhivery) जैसी नए जमाने की कंपनियां के मुनाफे में आने की राह को लेकर स्पष्टता नहीं है, मार्केट एनालिस्ट्स टॉप मैनेजमेंट को दिए गए इस बड़े ESOPs ग्रांट पर सवाल उठा रहे हैं। अधिकतर बार इस तरह के ESOP भुगतान के सबसे बड़े लाभार्थी कंपनी के फाउंडर्स होते हैं।
Paytm के शेयर इस समय 465 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कारोबार कर रहे हैं, जो इसके 2,150 रुपये के IPO प्राइस से करीब 73 फीसदी कम है। वहीं Zomato के शेयर इस समय 64 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं, जो इसके 76 रुपये के IPO प्राइस से करीब 16 फीसदी कम है।
मनीकंट्रोल ने इससे पहले एक रिपोर्ट में बताया कि Paytm का वित्त वर्ष 2022 में अपने टॉप मैनेजमेंट के लिए ESOP खर्च 567 करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 11.2 करोड़ अधिक था। इस टॉप मैनेजमेंट में कंपनी के सीईओ विजय शेखर शर्मा और सीएफओ मधुर देवड़ा भी शामिल थे।