PhonePe के Indus Appstore की तैयारी जोरों पर, लॉन्च से पहले Dream11, MPL जैसे गेमिंग ऐप्स होने लगे ऐड

22 सितंबर को लाइव हुई वेबसाइट के अनुसार, PhonePe का ऐप स्टोर डेवलपर्स को अंग्रेजी के अलावा 12 भारतीय भाषाओं में अपने ऐप को लिस्ट करने की अनुमति देगा। इसके अलावा वे इन भाषाओं में अपनी ऐप लिस्टिंग्स में मीडिया और वीडियो भी अपलोड कर सकेंगे। इसी साल अप्रैल में PhonePe के को-फाउंडर समीर निगम ने एक इंटरव्यू में एक ऐप स्टोर क्रिएट करने के प्लान की पुष्टि की थी

अपडेटेड Nov 30, 2023 पर 4:23 PM
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PhonePe ने कहा कि उसने वर्तमान में ऐप स्टोर को डिवाइसेज में इंटीग्रेट करने के लिए Nokia और Lava जैसे OEM के साथ साझेदारी की है।

PhonePe के इंडस ऐपस्टोर (Indus Appstore), को लॉन्च करने की तैयारी जोरोंशोरों से चल रही है। आगामी एंड्रॉयड इंडस ऐपस्टोर में ड्रीम11, नजारा टेक्नोलोजिज, गेम्सक्राफ्ट और मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL) जैसे कई प्रमुख रियल-मनी गेम डेवलपर्स के ऐप्स को शामिल किया जा रहा है।इंडस ऐपस्टोर की लॉन्चिंग अगले कुछ महीनों में हो सकती है। इन साझेदारियों से इंडस ऐपस्टोर को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। कंपनी मोबाइल ऐप डिस्ट्रीब्यूशन में Google Play Store को चुनौती देना चाहती है। Indus Appstore पर अपने ऐप लाने वाले अन्य बड़े डेवलपर्स में A23 (हेड डिजिटल वर्क्स), जंगली रम्मी, ताज रम्मी, रम्मी पैशन, रम्मीकल्चर, रम्मीटाइम और कार्डबाजी शामिल हैं।

Indus Appstore के को-फाउंडर आकाश डोंगरे ने कहा, 'हम इंडस ऐपस्टोर परिवार में इन गेमिंग दिग्गजों का स्वागत करते हुए रोमांचित हैं। टॉप लेवल का गेमिंग अनुभव देने में उनकी विशेषज्ञता और प्रतिबद्धता, हमारे विजन के साथ सहजता से मेल खाती है। साथ मिलकर, हम भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री में अगली ग्रोथ स्टोरी लिखने के लिए तैयार हैं।'

ऐप्स की लिस्टिंग पहले साल फ्री


इसी साल अप्रैल में PhonePe के को-फाउंडर समीर निगम ने एक इंटरव्यू में एक ऐप स्टोर क्रिएट करने के प्लान की पुष्टि की थी। इसके बाद सितंबर में खबर आई थी कि वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली PhonePe खुद का ऐपस्टोर ला रही है, जिसका नाम इंडस ऐप स्टोर होगा। उस वक्त कहा गया था कि इंडस ऐप स्टोर पर ऐप्स की लिस्टिंग पहले साल फ्री होगी। उसके बाद सालाना मामूली फीस का भुगतान करना होगा। इंडस ऐप स्टोर, डेवलपर्स से इन-ऐप परचेसेज पर कोई फीस या कमीशन चार्ज नहीं करेगा। Google और Apple के ऐप स्टोर्स की बात करें तो ये दोनों कंपनियां इन-ऐप परचेसेज और पेड ऐप सेल्स पर डेवलपर्स से 15-30 प्रतिशत शुल्क लेती हैं।

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12 भारतीय भाषाओं में लिस्ट कर सकेंगे ऐप

22 सितंबर को लाइव हुई वेबसाइट के अनुसार, फोनपे का ऐप स्टोर डेवलपर्स को अंग्रेजी के अलावा 12 भारतीय भाषाओं में अपने ऐप को लिस्ट करने की अनुमति देगा। इसके अलावा वे इन भाषाओं में अपनी ऐप लिस्टिंग्स में मीडिया और वीडियो भी अपलोड कर सकेंगे। इंडस ऐपस्टोर 24x7 के डेडिकेटेड इंडिया-बेस्ड सपोर्ट का भी दावा करता है। साथ ही यह भी कहा गया है कि ऐप स्टोर, डेवलपर फ्रेंडली और ट्रांसपेरेंट पॉलिसीज की भी पेशकश करेगा। PhonePe ने कहा कि उसने वर्तमान में ऐप स्टोर को डिवाइसेज में इंटीग्रेट करने के लिए Nokia और Lava जैसे OEM (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स) के साथ साझेदारी की है।

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