जापान की दिग्गज इनवेस्टमेंट कंपनी सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉरपोरेशन (SoftBank Group Corp) के निवेश वाली भारतीय कंपनियों ने पिछले 15 महीनों में अपने जापानी निवेशक की तरह 'पूर्ण रक्षात्मक' नजरिया अपनाया है और लागत में कटौती करने वाले विभिन्न उपायों को लागू किया है। इस कदम से वे फंडिंग की कमी की समस्या से बाहर निकलना चाहती है, जो इस समय पूरी दुनिया में देखी जा रही है। साल 2022 के शुरुआत के बाद से सॉफ्टबैंक के निवेश वाले भारतीय स्टार्टअप्स ने अपने लागत में करीब 50 से 75 फीसदी तक की कटौती की है, जिससे वे अपने रनवे कम से कम 12 महीने तक बढ़ा सके। मामले से वाकिफ लोगों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। स्टार्टअप रनवे का मतलब है किसी कंपनी के पास अपने बिजनेस को कितने समय तक चालू रखने के लिए कैश बचा है।
सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रनवे को बढ़ाने के लिए स्टार्टअप्स ने हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है, एंप्लॉयी को दिए जाने वाले विभिन्न बेनेफिट में कटौती की है और विज्ञापन सहित अन्य लागत के कर्ज घटाए हैं।
सूत्रों का कहना है कि सॉफ्टबैंक के हालिया आंकड़ों बताते हैं कि उसके पोर्टफोलियो वाली कंपनियों ने अपने लागत में औसतन 70 फीसदी की कटौती है। सबसे अधिक लागत घटाने वाली कंपनियों में अनएकेडमी (Unacademy), मीशो (Meesho), स्विगी (Swiggy) और कार्स24 (Cars24) जैसे यूनिकॉर्न शामिल हैं, जिनमें सॉफ्टबैंक ने भारी निवेश किया हुआ ह।
टेक स्टार्टअप के लिए अक्सर उनके खर्च का बड़ा हिस्सा एंप्लॉयी बेनेफिट होता है। कई बार तो यह सबसे बड़ा खर्च होता है। हालांकि पिछले 15 महीनो में सॉफ्टबैंक के निवेश वाली कंपनियों ने 5,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है, जिससे उनके लागत में भारी कमी आई है।
छंटनी के अलावा कंपनियों के कारोबार के स्तर पर कई अन्य लागत घटाने वाले उपायों को लागू किया है। अनएकेडमी (Unacademy) ने कर्मचारियों को ऑफिस में फ्री मील देना बंद कर दिया है। साथ ही फाउंडर और टॉप मैनेजमेंट की सैलरी में कटौती की है। इस बीच कार्स24 ने इंडोनेशिया और सऊदी अरब जैसे कई गैर-प्रमुख देशों में अपना कारोबार बंद कर दिया है। जबकि मीशो ने अपने ग्रॉसरी बिजनेस यूनिट को अपने कोर एप्लिकेशन में मर्ज कर दिया है।
लागत में कटौती वाले इन उपायों से अनएकेडमी को साल 2021 में अपना मंथली खर्च 200 करोड़ रुपये से घटाकर 20 करोड़ रुपये तक लाने में मदद मिली। इसी तरह कार्स24 का मंथली खर्च घटकर 60-80 लाख डॉलर पर आ गया है, जो एक साल 2.2 करोड़ डॉलर था। जबकि स्विगी ने अपना मंथली खर्च 2 करोड़ डॉलर पर ला दिया है, जो पहले 4.5 से 5 करोड़ डॉलर था। मीशो का मंथली खर्च 2021 में 4 से 4.5 करोड़ डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंत गया था, जो अब घटकर 40 से 50 लाख डॉलर है।