बेंगलुरु और कैलिफोर्निया में ऑफिस वाली स्पेस टेक स्टार्टअप पिक्सल (Pixxel) ने सीरीज बी फंडिंग राउंड में 3.6 करोड़ डॉलर (करीब 297 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड में सबसे अधिक निवेश गूगल (Google) ने किया है। जब पूरी दुनिया में स्टार्टअप फंडिंग की किल्लत से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में यह फंड जुटाना भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनियों की बढ़ती वैल्यू को बताता है। कंपनी की ओर से गुरुवार 1 जून को जारी एक बयान के मुताबिक इस राउंड में रैडिकल वेंचर्स, लाइटस्पीड, ब्लूमी वेंचर्स, ग्रोक्स, स्पार्टा और एथेरा जैसे उसके मौजूदा निवेशकों ने भी भाग लिया।
Pixxel के सीईओ और को-फाउंडर अवैस अहमद ने मनीकंट्रोल को बताया, "यह अच्छा था कि हम बाजार में 36 मिलियन डॉलर जुटाने में सफल रहे। अंतरिक्ष क्षेत्र की बहुत सारी कंपनियां इस समय फंडिंग नहीं जुटा पा रही हैं।"
अहमद ने कहा कि पूरी 100% फंडिंग प्राइमरी निवेश के रूप में आया है। रेगुलेटरी फाइलिंग से पता चला है कि पिक्सल इस फंडिंग राउंड में करीब $50 मिलियन डॉलर जुटाना चाहता था। हालांकि अहमद ने कहा कि उन्होंने बाकी राशि को "बफर के रूप में रखा है, ताकि अगर बाद में कुछ जरूरत हो तो हम बाजार में जाकर पैसे उठा सकें।"
स्टार्टअप्स ने बताया कि वह इन फंड्स का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और कुछ सैटेलाइट्स छोड़ने में करेगी। फर्म की 2024 की शुरुआत में कई सैटेलाइट्स लॉन्च करने की योजना है। 2024 में इसने छह "फायरफ्लाई" और 2025 में 18 अन्य सैटेलाइट के लॉन्च की योजना बनाई है।
स्टार्टअप एक साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए अपनी टीम बढ़ाने की भी योजना बना रहा है। अभी तक, इसके पास बेंगलुरु और कैलिफोर्निया में करीब 120 कर्मचारी हैं, और यह साल के अंत तक 200 कर्मचारियों को नियुक्त करने की योजना बना रहा है। इसमें से अधिकतर हायरिंग बेंगलुरु में होगी। वहीं अहमद ने कहा कि वे पार्टनरशिप और बिजनेस डेवलपमेंट के लिए यूरोप और अमेरिका के लिए भी हायरिंग करेंगे।