इंडिया में स्टार्टअप्स (Startups) के लिए समय अच्छा नहीं चल रहा है। 2023 के पहले छह महीनों में फंडिंग करीब 79 फीसदी घट गई है। कुछ साल पहले आसान फंडिंग और प्रोडक्ट्स की अच्छी डिमांड के चलते इंडियन स्टार्टअप्स ग्रोथ के रास्ते पर तेजी से बढ़ रहे थे। अब हालात बदल गए हैं। इस साल जनवरी से जून के दौरान स्टार्टअप्स ने प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल के जरिए 3.8 अरब डॉलर जुटाए। एक साल पहले की समान अवधि में उन्होंने 18.4 अरब डॉलर जुटाए थे। ये आंकड़े वेंचर इंटेलिजेंस के हैं। इस साल के पहले छह महीनों में स्टार्टअप्स ने फंडिंग की 293 डील की। इसके मुकाबले पिछले साल के पहले छह महीनों में डील की संख्या 727 थी।
