शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी (Swiggy) ने अपने बोर्ड में तीन नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टरों को नियुक्त किया है। इन डायरेक्टरों में डेल्हीवेरी (Delhivery) कंपनी के फाउंडर और सीईओ साहिल बरुआ भी शामिल हैं। स्विगी के बाकी दो अन्य इंडिपेंडेंट डायरेक्टों में मल्लिका श्रीनिवासन और शैलेष हरिभक्ति का नाम शामिल हैं। मल्लिका श्रीनिवासन, टैफी कंपनी की चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। साथ ही वह पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुकी हैं। वहीं शैलेष हरिभक्ति, शैलेष हरिभक्ति एंड एसोसिएट्स के चेयरमैन हैं।
स्विगी ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब कुछ हफ्ते पहले ही उसने अपनी लागत घटाने के लिए 380 कर्मचारियों की छंटनी की थी और कहा था कि अपने कुछ बिजनेस वर्टिकल्स पर कड़ाई से जांच कर रही है।
स्विगी के फाउंडर और सीईओ श्रीहर्ष मैजेटी ने बताया, "इन सभी के पास बड़े पैमाने पर टिकाऊ बिजनेस खड़ा करने बेहद समृद्ध अनुभव है। हम उपभोक्ताओं को अद्वितीय सुविधा देने के अपने मिशन में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में इन नए और शक्तिशाली नजरियों से हमें अपने गवर्नेंस को मजबूत करने से बहुत लाभ होगा।"
ये तीनों स्विगी के बोर्ड में शामिल होने वाले पहले इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हैं। स्विगी के बोर्ड में फिलहाल फाउंडर श्रीहर्ष मैजेटी के अलावा, को-फाउंडर नंदन रेड्डी, प्रॉसस एडटेक और फूड के सीई लैरी इल्ग, प्रॉसस वेंचर्स इंडिया में इनेवस्टमेंट हेड आशुतोष शर्मा, सॉफ्टबैंक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स में भारत और ईएमईए के मैनेडिंग पार्टनर सुमेर जुनेजा, और एक्सेल में पार्टनर आनंद डेनियल शामिल हैं।
स्विगी निकट भविष्य में अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाना चाहती है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने पिछले साल इसके लिए इनवेस्टमेंट बैंकर भी हायर कर लिया था। हालांकि उसने बाद में पेटीएम, जोमैटो, नायका और डेल्हीवेरी जैसी अपनी समकक्ष कंपनियों के शेयरों में आई तगड़ी गिरावट के बाद अपने प्लान को धीमा कर लिया था।
स्विगी ने हाल ही में बताया कि उसने वित्त वर्ष 2022 में 3,628.9 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है। इस दौरान कंपनी की कारोबार से आय 125 फीसदी बढ़कर 5,704.9 करोड़ रुपये रही।