IPO से पहले Udaan का फोकस इन दो चीजों पर, सीईओ ने किया खुलासा

Udaan IPO: दिग्गज ई-कॉमर्स स्टार्टअप उड़ान (Udaan) दो साल के भीतर 2025 में आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। इन तैयारियों के तहत यह कंज्यूमर ब्रांड्स के साथ नई साझेदारी करने और लागत घटाने पर काम कर रही है। उड़ान ने अभी यह तय नहीं किया है कि यह भारत में लिस्ट होगी या देश के बाहर किसी और मार्केट में लेकिन इस पर लगातार काम हो रहा है

अपडेटेड Nov 06, 2023 पर 1:51 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Udaan IPO: उड़ान आईपीओ की तैयारियां तो कर रही है लेकिन इसकी प्रॉयोरिटी अभी वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाना है।

Udaan IPO: दिग्गज ई-कॉमर्स स्टार्टअप उड़ान (Udaan) दो साल के भीतर 2025 में आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। इन तैयारियों के तहत यह कंज्यूमर ब्रांड्स के साथ नई साझेदारी करने और लागत घटाने पर काम कर रही है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कंपनी के सीईओ वैभव गुप्ता ने कहा कि 18 महीने के भीतर ऑपरेटिंग प्रॉफिट का लक्ष्य रखा गया। इसी के आस-पास रिलायंस (Reliance) और वालमार्ट के फ्लिपकार्ट (Flipkart) की कॉम्पटीटर उड़ान की आईपीओ लाने की भी योजना है। हालांकि अभी उड़ान ने यह तय नहीं किया है कि यह भारत में लिस्ट होगी या देश के बाहर किसी और मार्केट में।

क्या है Udaan का फोकस

उड़ान आईपीओ की तैयारियां तो कर रही है लेकिन वैभव के मुताबिक इसकी प्रॉयोरिटी अभी वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाना है। इसके अलावा दूसरी प्रॉयोरिटी यह सुनिश्चित करने की है कि दुकानदार खरीदारी करते समय सबसे पहले उड़ान के बारे में सोचें और उसी के हिसाब से कंपनी मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखे। वैभव का कहना है कि कंपनी का मैनेजमेंट और बोर्ड अधिक प्रोफेशनल हो रहा है और शेयरहोल्डर्स भी इंस्टीट्यूशनल हो रहे हैं। उड़ान अपनी फिनटेक यूनिट के जरिए फाइनेंस सेगमेंट में भी है और यह कारोबार टैक्स काटने से पहले के आंकड़ों के हिसाब से मुनाफे में है और सालाना 70 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। इसकी फिनटेक यूनिट के जरिए दुकानदारों को इंवेंटरी खरीदने के लिए वर्किंग कैपिटल लोन मिलता है।


एक साल में Paytm ने किया पैसे डबल, शानदार सितंबर तिमाही पर अब ये है रुझान

Flipkart एंप्लॉयीज ने 2016 में की थी शुरुआत

उड़ान की शुरुआत फ्लिपकार्ट में काम करने वाले तीन इंजीनियर्स ने वर्ष 2016 में की थी। तीनों ने मिलकर उड़ान को चलाया और फिर 2001 में वैभव इसके सीईओ बने और बाकी दो फाउंडर्स आमोद मालवीय और सुजीत कुमार बोर्ड में शामिल हो गए। उड़ान एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क है जिसके जरिए दुकानदार थोक में सामान खरीदते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वैल्यूएशन की बात करें तो 2021 के फंडिंग राउंड में इसकी वैल्यू 300 करोड़ डॉलर से अधिक आंकी गई थी और यह 40 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश में थी।

लाइटस्पीट की इसमें करीब 35 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि टेनसेंट होल्डिंग्स की 6 फीसदी। एंप्लॉयीज की बात करें तो पिछले साल इसमें छंटनी हुई थी और इंटर्नल कंट्रोल और कंप्लॉयंस सख्त हुआ था। इसमें अब करीब 1800 एंप्लॉयीज काम करते हैं और वैभव ने यह नहीं बताया कि आगे भी छंटनी होगी या नहीं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।