Udaan IPO: दिग्गज ई-कॉमर्स स्टार्टअप उड़ान (Udaan) दो साल के भीतर 2025 में आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। इन तैयारियों के तहत यह कंज्यूमर ब्रांड्स के साथ नई साझेदारी करने और लागत घटाने पर काम कर रही है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कंपनी के सीईओ वैभव गुप्ता ने कहा कि 18 महीने के भीतर ऑपरेटिंग प्रॉफिट का लक्ष्य रखा गया। इसी के आस-पास रिलायंस (Reliance) और वालमार्ट के फ्लिपकार्ट (Flipkart) की कॉम्पटीटर उड़ान की आईपीओ लाने की भी योजना है। हालांकि अभी उड़ान ने यह तय नहीं किया है कि यह भारत में लिस्ट होगी या देश के बाहर किसी और मार्केट में।
उड़ान आईपीओ की तैयारियां तो कर रही है लेकिन वैभव के मुताबिक इसकी प्रॉयोरिटी अभी वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाना है। इसके अलावा दूसरी प्रॉयोरिटी यह सुनिश्चित करने की है कि दुकानदार खरीदारी करते समय सबसे पहले उड़ान के बारे में सोचें और उसी के हिसाब से कंपनी मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखे। वैभव का कहना है कि कंपनी का मैनेजमेंट और बोर्ड अधिक प्रोफेशनल हो रहा है और शेयरहोल्डर्स भी इंस्टीट्यूशनल हो रहे हैं। उड़ान अपनी फिनटेक यूनिट के जरिए फाइनेंस सेगमेंट में भी है और यह कारोबार टैक्स काटने से पहले के आंकड़ों के हिसाब से मुनाफे में है और सालाना 70 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। इसकी फिनटेक यूनिट के जरिए दुकानदारों को इंवेंटरी खरीदने के लिए वर्किंग कैपिटल लोन मिलता है।
Flipkart एंप्लॉयीज ने 2016 में की थी शुरुआत
उड़ान की शुरुआत फ्लिपकार्ट में काम करने वाले तीन इंजीनियर्स ने वर्ष 2016 में की थी। तीनों ने मिलकर उड़ान को चलाया और फिर 2001 में वैभव इसके सीईओ बने और बाकी दो फाउंडर्स आमोद मालवीय और सुजीत कुमार बोर्ड में शामिल हो गए। उड़ान एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क है जिसके जरिए दुकानदार थोक में सामान खरीदते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वैल्यूएशन की बात करें तो 2021 के फंडिंग राउंड में इसकी वैल्यू 300 करोड़ डॉलर से अधिक आंकी गई थी और यह 40 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश में थी।
लाइटस्पीट की इसमें करीब 35 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि टेनसेंट होल्डिंग्स की 6 फीसदी। एंप्लॉयीज की बात करें तो पिछले साल इसमें छंटनी हुई थी और इंटर्नल कंट्रोल और कंप्लॉयंस सख्त हुआ था। इसमें अब करीब 1800 एंप्लॉयीज काम करते हैं और वैभव ने यह नहीं बताया कि आगे भी छंटनी होगी या नहीं।