Open Layoff: यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर चुकी स्टार्टअप ओपन (Open) ने अपने 47 कर्मचारियों को एक झटके में नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी ने बताया कि इन लोगों की उनके काम के प्रदर्शन के आधार पर छंटनी की गई है। इसके साथ ही ओपन के फाउंडर ने अपनी सैलरी में 50 फीसदी कटौती करने का फैसला किया है, जिससे कंपनी के लागत को कम किया जा सके। बता दें कि ओपन (Open) स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (SME) को डिजिटिल बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने वाला नियोबैंकिंग प्लेटफॉर्म है।
कंपनी ने गुरुवार 20 अप्रैल को जारी एक बयान में बताया, "47 कर्मचारियों को उनके काम के प्रदर्शन के आधार पर निकाला गया है। हालांकि इसके साथ ही मार्केटिंग, प्रोडक्ट और सेल्स जैसे अहम डिपार्टमेंट में कंपनी सक्रिय रूप से हायरिंग भी कर रहे हैं। ताकि हम अपने बिजनेस को बढ़ा सकें और ग्राहकों को बेहतर तरीके से सर्व कर सकें।"
Open ने इस बात की भी पुष्टि की है कि उसके फाउंडरों ने सिर्फ आधी सैलरी लेने का फैसला किया है। कंपनी ने एक बयान में कहा, "हमें अपने बिजनेस को नए स्तर पर ले जाने और मुनाफे में आने के लिए तैयार है। इसकी अगुआई करने के लिए फाउंडरों ने यह कदम उठाया है। इसके साथ ही Open यह भी स्पष्ट करना चाहता है कि उसके किसी भी कर्मचारी के वेतन में एक प्रतिशत की भी कमी नहीं की गई है।"
स्टार्टअप ने कहा कि वह यह भी सुनिश्चित कर रही है कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को उनकी सैलरी में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी मिलती रहे।
Open के को-फाउंडर और सीईओ अनीश अच्युतन ने एक बयान में कहा, "हमारे कर्मचारियों में हालिया बदलाव सिर्फ उनके काम के प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी सैलरी में औसतन से 20 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी और ESOP पाते रहें। मैं यह दोहराना चाहूंगा कि इन बदलावों से हमारे बाकी कर्मचारियों की सैलरी पर किसी भी तरह से कोई असर नहीं पड़ा है।"
बता दें कि ओपन को साल 2017 में पेयू (PayU) और सिट्रस (Citrus) के पूर्व एग्जिक्यूटिव्स अनीष अच्यूतन, मेबल चाको, और अजीश अच्यूतन ने मिलकर शुरू किया था। यह फर्म छोटे और मध्यम साइज के बिजनेसों को डिजिटल बैंकिंग सेवा मुहैया कराती है। मई 2022 में ओपन की वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर को पार कर गई थी, जिसके साथ ही इसने यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर लिया था। कंपनी के निवेशकों में IIFL, टीमसेक और टाइगर ग्लोबल जैसे ब्रांड्स शामिल हैं।