पेमेंट्स और फाइनेंशियल सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनी फोनपे (PhonePe) एक नए फंडिंग राउंड में 12 अरब डॉलर (99,000 करोड़ रुपये) के वैल्यूएशन पर पैसे जुटाने के लिए बातचीत कर रही है। अगर ऐसा होता है तो वॉलमार्ट के निवेश वाला यह स्टार्टअप देश का सबसे अधिक मूल्यलवान फिनटेक फर्म बन जाएगा। फंडिंग राउंड में सबसे बड़ा निवेश जनरल अटलांटिक (General Atlantic) की तरफ से किए जाने की उम्मीद है। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है।
एक सूत्र ने बताया "जनरल अटलांटिक करीब 45 से 50 करोड़ डॉलर के निवेश के साथ इस फंडिंग राउंड की अगुआई कर सकती है।" वहीं दूसरे सूत्र ने कहा कि यह प्री-IPO राउंड नहीं है क्योंकि कंपनी की लिस्टिंग योजना में अभी 2-3 साल का समय है।
PhonePe की महत्वकांक्षा खुद को एक फाइनेंशियल सेवा मुहैया कराने वाले सुपर ऐप में बदलने की है, जो यूजर्स को पेमेंट्स से लेकर इंश्योरेंस और इनवेस्टमेंट सहित सभी सेवाएं एक ही जगह ऑफर करे। फंडिंग राउंड से मिली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी इसी महत्वकांक्षा को दोगुनी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने में करेगी।
अगर यह फंडिंग राउंड सफल रहता है, तो PhonePe एक डेकाकार्न (Decacorn) बनकर फ्लिपकार्ट (Flipkart), पेटीएम (Paytm), बायजू (Byju’s) और स्विगी (Swiggy) की लीग में शामिल हो जाएगी। बता दें कि डेकाकार्न उन स्टार्टअप को कहते हैं, जिनककी वैल्यूएशन 10 अरब डॉलर से अधिक हो जाती है। साथ ही PhonePe वैल्यूएशन के मामले में डिजिटल पेमेंट और नियोबैंकिंग स्टार्टअप रेजरपे (Razorpay) को भी पीछे छोड़ देगा, जिसकी आखिरी वैल्यू 7.5 अरब डॉलर आंकी गई थी।
PhonePe जब फ्लिपकार्ट से हटकर एक अलग कंपनी बनी थी, तब इसका वैल्यूएशन 5.5 अरब डॉलर था। फ्लिपकार्ट ने उस वक्त इसमें 70 करोड़ डॉलर का निवेश किया था।
फोनपे की तरफ से फंडिंग जुटाने की खबर ऐसे समय में आई है, जब इसकी सबसे करीबी प्रतिद्वंदी पेटीएम के वैल्यूएशन में शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद से करीब 60 फीसदी डॉलर की गिरावट आई है। पेटीएम पिछले साल नवंबर में लिस्ट हुई थी और तभी से इसके शेयर लगातर दबाव में बने हुए। 20 अक्टूबर को पेटीएम का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 अरब डॉलर से थोड़ा अधिक था।
हालांकि पेटीएम का रेवेन्यू फोनपे की तुलना में कहीं ज्यादा है। वित्त वर्ष 2022 में पेटीएम का रेवेन्यू 3,892.40 करोड़ रुपये रहा था। वहीं फोनपे का रेवेन्यू 1,646 करोड़ रुपये रहा था। फोनपे का वित्त वर्ष 2022 में घाटा जहां 671 करोड़ रुपये (ESOP लागत को हटाकर) था। वहीं पेटीएम ने इस दौरान 2,325 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया।