फोनपे (PhonePe) के को-फाउंडर और सीईओ समीर निगम (Sameer Nigam) ने कहा कि वे हमेशा से भारत में रहना चाहते थे। बता दें कि फोनपे ने हाल ही में अपना मुख्यालय सिंगापुर से हटाकर भारत में रजिस्टर करवाया है। अब वो पूरी तरह से भारतीय कंपनी बन गई है। इसके लिए कंपनी को 8,000 करोड़ रुपये का टैक्स भी चुकाना पड़ा। निगम ने मनीकंट्रोल की चंद्रा आर श्रीकांत के साथ बातचीत में कहा कि भारत हमारा होम मार्केट है हमारे ग्राहक और कर्मचारी यहीं रहते हैं। ऐसे में PhonePe के मुख्यालय के लिए यही सही मार्केट है।
उन्होंने कहा, "हम भारतीय बाजार में सूचीबद्ध होना चाहते हैं। हमारा मानना है कि अगर हम यहां अच्छा करेंगे तो बाजार हमें इसका ईनाम देगा।" हालांकि निगम ने अगले 2 सालों तक कंपनी की IPO लाने की संभावना से इनकार किया, लेकिन यह जरूर कहा कि वह भारत में सूचीबद्ध होना चाहते हैं।
निगम ने कहा, "हमारे पास भारत में 25 करोड़ या इसके करीब यूजर्स हो सकते हैं। ऐसे में हमारे लिए अमेरिका में लिस्टिंग का कोई मतलब नहीं है — उनकी पूरी आबादी ही 35 करोड़ की है। साथ ही वे PhonePe को भी नहीं जानते होंगे। यदि आप इसे घरेलू बाजार में सफलता पूर्वक नहीं ला सकते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि आप सही से काम कर रहे हैं।"
निगम ने बताया कि कंपनी का गठन भारत में ही किया गया था, लेकिन जब इसका विलय फ्लिपकार्ट में हुआ, तो यह वापस विदेश में उसकी सब्सिडियरी कंपनी में विलय हो गई। बता दें कि फ्लिपकार्ट कानूनी रूप से सिंगापुर में रजिस्टर्ड कंपनी है।
उन्होंने कहा, "हम हमेशा यहां रहना चाहते थे। PhonePe को भारत में ही होना था। इसके लिए जितना मैं चाहता था उससे कहीं अधिक खर्च हुआ, लेकिन मुझे लगता है कि हमने सही काम किया है।”
बता दें कि वॉलमार्ट के निवेश वाली फोनपे 12 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ देश की सबसे मूल्यवान फिनटेक कंपनी है। PhonePe ने पिछले साल 12 अक्टूबर को बताया था कि उसने सिंगापुर से अपना डोमेसाइल बदल भारत ट्रांसफर कर लिया है।