Adani Group Shares: अडानी ग्रुप की अधिकतर कंपनियों के शेयरों में आज 8 फरवरी को लगातार दूसरे दिन तेजी देखी गई। अडानी ग्रुप की 10 कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध है, जिसमें 7 के शेयर आज बढ़कर बंद हुए। यह तेजी अडानी ग्रुप की ओर से 1.11 अरब डॉलर के कर्ज का समय से पहले भुगतान करने और गिरवी रखे शेयरों को छुड़ाने के ऐलान के बाद आया है। कुछ लेंडर्स की ओर से आए सकारात्मक बयानों ने भी अडानी ग्रुप के शेयरों में उथल-पुथल को शांत किया, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ। इसके अलावा अडानी ग्रुप की कुछ कंपनियों के पिछले दिनों आए नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद की।
अडानी एंटरप्राइजेज ने 20% की लगाई छलांग
अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) के शेयर आज बीएसई पर 20 फीसदी बढ़कर 2,159 रुपये के भाव पर बंद हुए। बता दें कि यह शेयर 3 फरवरी को 1017.45 रुपये निचले स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद अब तक इसमें 100 फीसदी से अधिक की तेजी आ चुकी है। अडानी एंटरप्राइजेज कल 9 फरवरी को अपने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी करेगी। ब्लूमबर्ग के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 29,245 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 582.80 करोड़ रुपये हो सकता है।
अडानी ग्रुप के अन्य शेयरों में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन आज 8.34 फीसदी बढ़कर बंद हुआ। अडानी ट्रांसमिशन 5 फीसदी बढ़कर हुआ है। अडानी पावर में भी 5 फीसदी की तेजी देखी गई। अडानी विल्मर भी 5 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। वहीं अंबुजा सीमेंट्स 0.2 फीसदी बढ़कर बंद हुआ।
अडानी ग्रुप के ये शेयर आज भी गिरे
इस बीच अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर आज 1.4 गिरकर बंद हुए। अडानी टोटल गैस में 5 फीसदी की गिरावट आई। वहीं एसीसी सीमेंट्स 1.1 गिरकर बंद हुआ।
गौतम अडानी की बढ़ी संपत्ति
शेयरों में तेजी से अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की संपत्ति में भी इजाफा हुआ है। फोर्ब्स के रियलटाइम बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक, गौतम अडानी की संपत्ति आज करीब 5.5 अरब डॉलर बढ़ी है। इसके साथ ही वह दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 17वें स्थान पर आ गए हैं। हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद एक समय वह इस लिस्ट में 22वें नंबर तक फिसल गए थे।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद दबाव में थे अडानी के शेयर
एक अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने बीते 24 ग्रुप को अडानी ग्रुप को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर टैक्स हैवेन देशों का इस्तेमाल और शेयरों में हेरफेर करने का आरोप लगाया था और इसके कर्ज के स्तर को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बाद से ही अडानी ग्रुप के शेयर दबाव में थे और इनकी मार्केट वैल्यू में तब से करीब 9 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आ चुकी है।
रेटिंग एजेंसियों के बयानों से उथल-पुथल हुई शांत
रेटिंग फर्म फिच ने हाल ही में कहा था अडानी ग्रुप और उसके शेयरों पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट का कोई तत्कालिक असर नहीं पड़ेगा। वहीं रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा कि अडानी ग्रुप को भारतीय बैंकों की ओर से दिया गया कर्ज बहुत अधिक नहीं है, इसलिए इससे जोखिम सीमित है। फिच ने भी मूडीज की यह राय दोहराई है। इसके अलावा रेटिंग एजेंसियों ने अडानी ग्रुप की कंपनियों के रेटिंग में फिलहाल कोई बदलाव नहीं करने की बात कही।
दिसंबर तिमाही के मजबूत नतीजों से शेयरों को मिला बल
कंपनियों के बेहतर नतीजे भी शेयरों में तेजी के एक प्रमुख कारण रहे। अडानी पोर्ट्स ने बीते 7 दिसंबर को बताया कि उसका दिसंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफा 16 फीसदी बढ़कर 1,315 करोड़ रुपये रहा। जबकि उसका रेवेन्यू 17.5 फीसदी बढ़कर 1,315 करोड़ रहा। कंपनी के सीईओ करण अडानी ने यह भी बताया कि अडाणी पोर्ट्स अगले वित्त वर्ष तक अपने 5,000 करोड़ के कर्ज के भुगतान की तैयारी में है। अडानी ग्रीन एनर्जी का मुनाफा भी दिसंबर तिमाही में 110 फीसदी बढ़ा है।