आमतौर पर स्टार्टअप्स को निवेश हासिल करने के लिए विदेशी निवेशकों के पास जाना पड़ता है। विदेशी निवेशकों के दम पर वे अपने कारोबार को तेजी से आगे ले जाते हैं। हालांकि दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जीरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर नितिन कामत (Nithin Kamath) का मानना है कि फंड का इंतजाम घरेलू स्तर पर किया जा सकता है और इसमें खुदरा निवेशकों की बड़ी भागीदारी हो सकती है। इसके अलावा नितिन कामत ने टैक्स से जुड़े बड़ी राहत के जरिए भी स्टार्टअप्स को सहारे की वकालत की है और इसके लिए उन्होंने यूनाइटेड किंगडम का उदाहरण भी दिया है। नितिन कामत ने इसे लेकर तीन ट्वीट्स की एक सीरीज की है।
टैक्स से जुड़े किस राहत की बात कर रहे Nitin Kamath
नितिन कामत के ट्वीट के मुताबिक यूनाइटेड किंगडम में स्टार्टअप निवेश पर 50 फीसदी टैक्स रिलीफ और कैपिटल गेन्स एग्जेम्प्शन मिलता है। कामत का कहना है कि जिनके पास पैसे हैं, उन्हें इसे स्टार्टअप्स में लगाने को प्रोत्साहित करने के लिए यह बहुत शानदार तरीका है। जीरोधा के को-फाउंडर का कहना है कि विदेशी वेंचर कैपिटल्स (VCs) पर निर्भरता घटाने के लिए इस प्रकार की योजनाओं पर विचार किया जा सकता है।
खुदरा निवेशकों ऐसे कर सकते हैं सपोर्ट
नितिन कामत के मुताबिक यहां गोल्ड, रियल एस्टेट और एफडी में ढेर सारा पैसा जमा है। अगर इसका बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो स्टार्टअप्स को बढ़िया सपोर्ट मिलेगा। नितिन का कहना है कि देश के खुदरा निवेशकों को अपनी कुछ संपत्तियों तो एफडी, गोल्ड और रियल एस्टेट से हटाकर भारतीय कारोबार में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे देश के हर तबके की ग्रोथ भी होगी।
हर तबके में पहुंचे पैसे, इसे सुलझाना सबसे बड़ी समस्या
नितिन के मुताबिक इस समय देश की सबसे बड़ी समस्या पैसों को सभी के बीच पहुंचाने की है, न कि सिर्फ ऊपर के 1 फीसदी के पास। इसे लेकर उन्होंने एक समाधान भी सुझाया है। नितिन के मुताबिक ऐसा तभी संभव है, जब भारतीय कारोबार अच्छा कर रहे हों। ऐसी स्थिति में वेल्थ क्रिएशन में अधिक संख्या में भारतीयों की भागीदारी होगी। अभी क्या स्थिति है कि अधिकतर वेल्थ भारत के बाहर चला जाता है।