दिग्गज भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो (Zoho) अपना खुद का लार्ज लैग्वेंज मॉडल (LLM) बना रही है। यह काफी कुछ ओपनएआई (OpenAI) के चैटजीपीटी (ChatGPT) और गूगल के PaLM 2 मॉडल जैसा होगा। इस प्रोजेक्ट को खुद कंपनी के फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेम्बु (Sridhar Vembu) देख रहे हैं और इस पर भारत में कंपनी की R&D की ओर से काम किया जा रहा है। जोहो में मार्केटिंग और कस्टमर एक्सपीरिएंस के वाइस-प्रेसिडेंड प्रवाल सिंह ने बताया, "हम पिछले एक दशक से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर काम कर रहे हैं। जब ग्राहकों को चैटजीपीटी के इंटीग्रेशन की जरूरत थी, तो हमने उन्हें अपने 13 ऐप के साथ इसे इंटीग्रेट करके दिया, जैसा कि हमने हाल ही में घोषणा की थी।"
उन्होंने बताया, "शॉर्ट-टर्म के लिए हमने ChatGPT के साथ इंटीग्रेशन तैयार किया है। लेकिन हम इसके साथ अपने स्वामित्व वाले लार्ज लैग्वेंज मॉडल भी बना रहे हैं, जो सारांश निकालने, व्याख्या करने या उसमें बदलाव करने और नए कार्यों को अनुकूल बनाने में सक्षम होगा। हालांकि, हमने इसके लिए कोई निश्चित समयरेखा तय नहीं की है।"
Zoho की ओर से खुद का लार्ज लैंग्वेज मॉडल बनाने की घोषणा, OpenAI के फाउंडर और सीईओ सैम अल्टमैन की ओर से की गई एक टिप्पणी को लेकर उठे विवाद के कुछ दिनों बाद आई है। उन्होंने कहा कि एक भारतीय स्टार्टअप के लिए 10 मिलियन डॉलर की फंडिंग के साथ एक मूलभूत LLM पर काम करना और उसे तैयार करने की "उम्मीद कम" है।
ऑल्टमैन ने बाद में साफ किया कि उनके बयान को सही तरीके से नहीं लिया गया। हालांकि उससे पहले टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरनानी ने घोषणा किया कि उन्हें ओपनएआई के फाउंडर की टिप्पणी को "चुनौती" के रूप में लिया।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि OpenAI प्रमुख सैम ऑल्टमैन भारत की AI क्षमताओं को लेकर कोई फैसला नहीं सुना सकते हैं। ऐसे कई सेक्टर्स हैं, जहां वे बेहद लोकप्रिय ChatGPT के फाउंडर की बातों से असहमत हैं।