लीडिंग हेलमेट कंपनी स्टीलबर्ड हाई-टेक इंडिया (Steelbird Hi-tech India) तमिलनाडु के होसुर में एक नया मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने की तैयारी में है। इसके तहत 250 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने का प्लान है। कंपनी के एक सीनियर अधिकारी ने यह जानकारी दी। कंपनी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने पर फोकस कर रही है। कंपनी के फिलहाल बद्दी (हिमाचल प्रदेश) और नोएडा में चार-चार प्लांट हैं। कंपनी का लक्ष्य दो साल के समय में होसुर प्लांट से हर दिन 20,000 से अधिक यूनिट्स का उत्पादन हासिल करने का है।
स्टीलबर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर का बयान
स्टीलबर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव कपूर ने कहा, "हम यह प्लांट दक्षिण भारत के कई OEM (ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर) की मांग को पूरा करने के लिए लगाना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआती चरण में हम इस परियोजना में 100 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। दो साल में इस प्लांट में कुल 250 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।’’ कपूर ने कहा कि इस प्लांट के अगले दो साल में चालू होने की उम्मीद है। कारखाने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम अंतिम चरण में है।
मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी बढ़ा रही है कंपनी
स्टीलबर्ड बद्दी में मौजूदा प्लांट्स की मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी का भी विस्तार कर रही है और इसके लिए 105 करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर तय किया गया है। इसके बाद कंपनी वहां अपनी उत्पादन क्षमता को 20,000 यूनिट्स प्रतिदिन से बढ़ाकर 50,000 यूनिट्स प्रतिदिन कर पाएगी। कपूर ने कहा, ‘‘विस्तार का काम पहले ही शुरू हो चुका है और हमारा इस वित्त वर्ष में एक करोड़ हेलमेट के उत्पादन का लक्ष्य है।’’ उन्होंने कहा कि अगले साल के अंत तक कंपनी की योजना कुल उत्पादन को 1.5 करोड़ हेलमेट तक पहुंचाने की है।
कपूर ने कहा कि सरकार द्वारा देश में हेलमेट इस्तेमाल के कानून को सख्ती से लागू करने से घरेलू बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। कपूर ने कहा कि कंपनी चालू वित्त वर्ष में 600 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद कर रही है। 2022-23 में यह करीब 554 करोड़ रुपये रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘2026-27 तक हमारा कारोबार 1300 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू जाएगा।’’