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Tata Line: वह बिजनेस, जिसमें पहली बार इस्तेमाल हुआ था 'टाटा' नाम; जमशेदजी को करना पड़ा था बंद

Story of Tata Line: जमशेदजी टाटा के ज्यादातर वेंचर- एम्प्रेस मिल्स, स्वदेशी मिल्स, अहमदाबाद एडवांस मिल्स, टाटा स्टील और टाटा पावर सफल रहे। टाटा लाइन एक ऐसा उद्यम था, जो सफल नहीं हुआ। जमशेदजी जानते थे कि टाटा लाइन का बंद होना, एक बहुत ही सफल उद्यमी के रूप में उनकी प्रतिष्ठा के लिए खतरा हो सकता था। लेकिन फिर भी उन्होंने कंपनी को बंद कर दिया

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 01, 2024 पर 5:57 PM
Tata Line: वह बिजनेस, जिसमें पहली बार इस्तेमाल हुआ था 'टाटा' नाम; जमशेदजी को करना पड़ा था बंद
टाटा लाइन को एक ब्रिटिश कंपनी द्वारा भारतीय व्यापारियों के साथ किए जा रहे अन्याय के जवाब में शुरू किया था।

जमशेदजी नुसेरवानजी टाटा...एक ऐसी शख्सियत जिन्हें उनके कामयाब बिजनेसेज के लिए जाना जाता है। टाटा ग्रुप की नींव रखने वाले जमशेदजी टाटा की सबसे खास बात यह थी कि वह चुनौतियों और कड़े फैसलों से घबराते नहीं थे। उनके जज्बे, आदर्शों, देशभक्ति और दूरदर्शिता की बदौलत ही एक असाधारण कारोबारी समूह को आकार मिला और भारत को औद्योगिक देशों की श्रेणी में पहुंचने में मदद मिली। ऐसा नहीं है कि जमशेदजी टाटा को किसी कारोबार में असफलता देखने को नहीं मिली। लेकिन उन्होंने असफलता से हार नहीं मानी, उसे स्वीकारा और आगे बढ़े।

उदाहरण के तौर पर शिपिंग कंपनी टाटा लाइन, जिसे उन्होंने एक ब्रिटिश कंपनी द्वारा भारतीय व्यापारियों के साथ किए जा रहे अन्याय के जवाब में शुरू किया था। लेकिन वह सफल नहीं हो सकी और उसे बंद कर दिया गया। टाटा लाइन, टाटा नाम के साथ शुरू हुआ पहला वेंचर था।

टाटा समूह के दो दिग्गजों, आर गोपालकृष्णन और हरीश भट ने 'Jamsetji Tata- Powerful Learnings For Corporate Success' नामक एक किताब में टाटा लाइन के बारे में बताया है। उस किताब में मौजूद डिटेल के कुछ अंश इस तरह हैं...

टाटा लाइन की शुरुआत की वजह

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