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Vedanta, Adani Enterprises समेत 13 कंपनियों के लिए फिर जागा ₹23000 करोड़ तक के DRI नोटिस का भूत, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा 2021 का फैसला

साल 2021 में अदालत ने सीमा शुल्क बकाया की वसूली के लिए नोटिस जारी करने की DRI की पावर को छीन लिया था। सुप्रीम कोर्ट के 2021 के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने एक रिव्यू पिटीशन दाखिल किया था। इसके बाद कोर्ट ने इस पिटीशन पर सुनवाई की। कोर्ट का यह ताजा फैसला 108 मामलों के एक बैच पर आया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 07, 2024 पर 2:48 PM
Vedanta, Adani Enterprises समेत 13 कंपनियों के लिए फिर जागा ₹23000 करोड़ तक के DRI नोटिस का भूत, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा 2021 का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2021 के फैसले में निष्कर्ष स्पष्ट रूप से गलत है।

सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर को वेदांता, वोडाफोन आइडिया और अदाणी एंटरप्राइजेज सहित 13 कंपनियों के खिलाफ 20,000 करोड़ से लेकर 23,000 करोड़ रुपये तक के DRI नोटिस को रिवाइव कर दिया। यह केंद्रीय वित्त मंत्रालय के लिए एक बड़ी जीत है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने 2021 के आदेश को पलट दिया है और माना है कि डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (DRI) के अधिकारियों के पास सीमा शुल्क की वसूली के लिए नोटिस जारी करने का अधिकार है।

इससे पहले साल 2021 में अदालत ने सीमा शुल्क बकाया की वसूली के लिए नोटिस जारी करने की DRI की पावर को छीन लिया था, जिसके कारण नोटिस रद्द कर दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2021 के फैसले में निष्कर्ष स्पष्ट रूप से गलत है।

फैसला 108 मामलों के एक बैच पर 

यह भी कहा कि DRI अधिकारियों को केंद्र की ओर से उचित अधिकारियों के रूप में नोटिफाई किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने संभावित रूप से 800 मामलों में 20,000 करोड़ से लेकर 23000 करोड़ रुपये तक के DRI नोटिसेज को रिवाइव कर दिया है। कोर्ट का यह ताजा फैसला 108 मामलों के एक बैच पर आया है।

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