Tesla : भारत की सड़कों पर जल्द ही टेस्ला की कारें दौड़ती हुई नजर आ सकती है। हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कंपनी भारत सरकार के साथ एक समझौते पर काम कर रही है। इस डील के तहत कंपनी की भारतीय बाजार में साल 2024 में एंट्री हो सकती है। हालांकि, कंपनी ने अब तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कंपनी अगले साल से अपने कुछ मॉडलों का आयात शुरू करने की तैयारी में है।
अब सवाल यह है कि कंपनी द्वारा भारत में कौन से मॉडल उतारे जाएंगे? इसे लेकर पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, कंपनी से जुड़े सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि मॉडल Y crossover देश में उपलब्ध होने वाला पहला मॉडल होगा। बता दें कि टेस्ला इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है
मॉडल Y हो सकती है भारत में टेस्ला की पहली कार
मॉडल 3 सेडान प्लेटफॉर्म पर आधारित Model Y साल 2020 में टेस्ला द्वारा निर्मित एक मिड साइज क्रॉसओवर एसयूवी है। यह मिड साइज के मॉडल X की तुलना में छोटे और कम महंगे सेगमेंट की है। मॉडल X की तरह इस मॉडल में भी सात पैसेंजर की बैठने की क्षमता के लिए ऑप्शनल थर्ड-रो की सीटें उपलब्ध है। वर्तमान में जर्मनी में मॉडल Y की कीमत इंडियन करेंसी में लगभग 45 लाख रुपये है। हालांकि, इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स के साथ भारतीय ग्राहकों के लिए यह इससे अधिक महंगा हो जाएगा।
कंपनी में सलाहकार के तौर पर काम करने वाले एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर पहले मनीकंट्रोल को बताया, "भारत और चीन के बीच जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण संबंधित मंत्रालयों द्वारा टेस्ला के टॉप मैनेजमेंट को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे दुनिया के सबसे बड़े ईवी बाजार से किसी भी कार का आयात न करें। इसके अलावा, कई विषयों पर भारत-जर्मन संबंधों पर पहले भी हस्ताक्षर किए जा चुके हैं और अमेरिकी ईवी निर्माता को इसका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।"
एक अन्य सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया था कि टेस्ला जर्मनी से कंप्लीटली बिल्ट-अप यूनिट्स (CBU) के रूप में इलेक्ट्रिक व्हीकल के आयात पर कस्टम ड्यूटी में कटौती की मांग कर रही है। सूत्र ने आगे कहा कि सरकार भी इस विचार के ज्यादा खिलाफ नहीं दिखती।
कंपनी भारत सरकार के साथ कर रही है डील
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत टेस्ला के साथ एक समझौते को फाइनल करने की तैयारी में है। इसके तहत कंपनी को अगले साल से कम आयात शुल्क पर देश में अपने ईवी आयात करने और दो साल के भीतर एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी।
न्यूजवायर एजेंसी ने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि जनवरी में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है। यह भी बताया गया कि बेहतर इन्फ्रॉस्ट्रक्चर के चलते गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में टेस्ला की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित की जा सकती है। मनीकंट्रोल स्वतंत्र रूप से इस खबर की पुष्टि नहीं कर सका।
ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि टेस्ला भारत में एक नए प्लांट में शुरुआत में करीब 2 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, कंपनी की योजना देश से 15 अरब डॉलर तक के ऑटो कंपोनेंट खरीदने की है। लागत कम करने के लिए वह भारत में कुछ बैटरियां बनाने पर भी विचार कर रही है। हालांकि, डील को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और चीजें बदल सकती हैं।