Union Budget 2023- फर्नीचर एक्सपोर्ट को इनसेंटिव के साथ PLI स्कीम में शामिल करने की जरूरत-केशव भजनका

केशव भजनका ने कहा कि कई राज्य सरकारों ने स्टाम्प ड्यूटी में कटौती की है। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि केंद्र सरकार को भी स्टाम्प ड्यूटी में कमी करनी चाहिए। हमारा मानना है कि स्टाम्प ड्यूटी घटने से घरों की मांग बढ़ेगी। हाइसिंग लोन के ब्याज पर टैक्स राहत लिमिट 5 लाख तक बढ़े। वहीं फर्निचर सेगमेंट में PLI स्कीम लाने की जरूरत है। PLI स्कीम आने से फर्निचर सेगमेंट में भारत एक्सपोर्टर बनेंगे

अपडेटेड Jan 19, 2023 पर 3:57 PM
Budget 2023: बजट में सरकार को फर्निचर एक्सपोर्ट पर इंसेंटिव देना चाहिए। फर्निचर के लिए कच्चे माल की कमी नहीं है।

बजट 2023 - बजट आने में 13 दिन से भी कम वक्त बचा है। इंडस्ट्री को पूरी उम्मीद है कि सरकार इस बजट में हाउसिंग सेक्टर पर फोकस बढ़ाएगी । बजट से बिल्डिंग मटीरियल सेक्टर की क्या हैं उम्मीदें? इसपर बात करते हुए सेंचुरी प्लाई के ED केशव भजनका ने कहा कि कई राज्य सरकारों ने स्टाम्प ड्यूटी में कटौती की है। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि केंद्र सरकार को भी स्टाम्प ड्यूटी में कमी करनी चाहिए। हमारा मानना है कि स्टाम्प ड्यूटी घटने से घरों की मांग बढ़ेगी। हाइसिंग लोन के ब्याज पर टैक्स राहत लिमिट 5 लाख तक बढ़े। वहीं फर्निचर सेगमेंट में PLI स्कीम लाने की जरूरत है। PLI स्कीम आने से फर्निचर सेगमेंट में भारत एक्सपोर्टर बनेंगे।

बजट में सरकार को फर्निचर एक्सपोर्ट पर इंसेंटिव देना चाहिए। फर्निचर के लिए कच्चे माल की कमी नहीं है। भारत में लॉजिस्टिक कॉस्ट ज्यादा है। सरकार को बजट में लॉजिस्टिक कॉस्ट घटाने के लिए कदम उठाने की जरुरत है। साथ ही एक्सपोर्ट के टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव की जरूरत है। क्योंकि इससे पूरे फर्निचर सेक्टर को फायदा मिलेगा। कंपनी के प्रोडक्ट फर्निचर बनाने में इस्तेमाल होते है। PLI स्कीम से फर्निचर एक्सपोर्ट को बूस्ट मिलेगा।

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हाउसिंग सेक्टर की बजट उम्मीदें

हाउसिंग सेक्टर की वित्त मंत्री से मांग है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में हाउसिंग लोन के प्रिंसिपल रीपेमेंट पर टैक्स राहत दे। होम लोन के ब्याज पर टैक्स लिमिट बढ़ाने की मांग की है। हाउसिंग सेक्टर की मांग है कि घर खरीदारों के लिए कैपिटल गेन में टैक्स राहत मिले। वहीं अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए ज्यादा आवंटन बढ़ाया जाए। साथ ही अफोर्डेबल सेगमेंट में रेंटल हाउसिंग को बूस्ट मिले। रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को सिंगल विंडो क्लीयरेंस मिले। हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए लंबी अवधि के लिए लोन की मांग की है । हाउसिंग सेक्टर की मांग है कि अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट पर GST दरें कम की जाएं।

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