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UPI : देखते-देखते पेमेंट की दुनिया का बादशाह बन गया है UPI, क्रेडिट और डेबिट कार्ड्स से बहुत आगे

नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के डेटा के मुताबिक, इस साल अगस्त में यूपीआई के जरिए 10.72 लाख करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन किए गए। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में UPI के जरिए 84 लाख करोड़ रुपये के 46 अरब ट्रांजेक्शन किए गए

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Oct 04, 2022 पर 12:37 PM
UPI : देखते-देखते पेमेंट की दुनिया का बादशाह बन गया है UPI, क्रेडिट और डेबिट कार्ड्स से बहुत आगे
UPI 2016 में शुरू हुआ था। तब कोई नहीं जानता था कि सिर्फ छह साल में यह हर व्यक्ति की जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएगा।

मनीष देवुलकर का मुंबई के गोरेगांव रेलवे स्टेशन के करीब एक सैंडविच स्टॉल है। कोविड लॉकडाउन खत्म होने के बाद PhonePe के एंजेट्स UPI Quick Response (QR) कोड लगाने के लिए उनके स्टॉल पर आए। एजेंट के कहने पर उन्होंने कोड लगवा लिया। तब से उनकी बिक्री 20 फीसदी बढ़ गई है।

देवुलकर ने कहा कि दो महीने बाद मैंने पाया कि मेरा बिजनेस 20 फीसदी बढ़ गया है। इसकी वजह यह है कि पेमेंट करना आसान हो गया है। यह चुटकी बजाते ही हो जाता है। खुले पैसे लेने और देने के झंझट से बचने के लिए ग्राहक पूछते हैं कि क्या वे यूपीआई से पेमेंट कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 40 फीसदी ग्राहक यूपीआई से पेमेंट कर रहे हैं। उनकी आमदनी करीब 5000 रुपये हर महीने बढ़ गई है।

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देवुलकर की दुकान से थोड़ी ही दूर पर कमल गुढ़का की ग्रॉसरी स्टोर है। कमल 40 साल से इस दुकान को चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने कई बदलाव देखे हैं, लेकिन यूपीआई ने जो बदलाव लाया है, उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती।

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