US Fed के नए चेयरमैन केविन वार्श घटाएंगे ब्याज दर! पूरी होगी ट्रंप की ख्वाहिश?

ईरान के साथ शांति समझौते के अलावा अब एक और वजह से दुनिया भर के बाजारों की नजर अमेरिका की तरफ है। आज अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीतियों का ऐलान करने वाला है और खास बात ये है कि नए चेयरमैन केविन वार्श की अगुवाई में पहली बार यह पेश होगा। उनकी नियुक्ति दरों में कटौती के लिए लंबे समय तक दबाव बनाए जाने के बीच हुई तो बाजार की नजर लगी हुई है। जानिए क्या नतीजा आने की उम्मीद है

अपडेटेड Jun 17, 2026 पर 1:25 PM
फेड के पूर्व गवर्नर और लंबे समय से मॉनेटरी पॉलिसी पर टिप्पणी करने वाले केविन वॉर्श अब जब खुद फेड रिजर्व के चेयरमैन बने हैं तो अपनी पहली मीटिंग में क्या रुख अपनाते हैं, इस पर बाजार की नजर रहेगी।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला कर सकता है। इकनॉमिस्ट्स का ऐसा ही मानना है और आज फेडरल रिजर्व इसका ऐलान करने वाला है। यह यूएस फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श (Kevin Warsh) की अध्यक्षता में मौद्रिक नीतियों की पहली बैठक है और यह ऐसे समय में हो रहा है, जब महंगाई का दबाव लगातार बना हुआ है। इकनॉमिस्ट्स के मुताबिक अमेरिकी अर्थव्यवस्था फिलहाल मिला-जुला संकेत दे रहा है जिसमें एक तरफ आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है लेबर मार्केट स्थिर है तो दूसरी तरफ मासिक और सालाना आधार पर महंगाई की रफ्तार तेज हुई है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि FOMC (फेडरल ओपन मार्केट कमेटी) फेडरल फंड्स रेट को 3.5%–3.75% के दायरे में स्थिर रखेगी और फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाएगी।

तेल की नरमी ने दी थोड़ी राहत

अर्थ भारत ग्लोबल मल्टीप्लायर के फंड मैनेजर नचिकेता साविरकर (Nachiketa Sawrikar) का कहना है कि अमेरिकी इकॉनमी मिले-जुले संकेत दे रही है। अमेरिका और ईरान के बीच की जंग ने होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही प्रभावित की तो महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। इससे एनर्जी की कीमतें बढ़ी और यह डर बन गया कि महंगाई लंबे समय तक फेड के 2% के टारगेट लिमिट से ऊपर बनी रह सकती है। हालांकि ईरान के साथ हुए नए समझौते के बाद तेल की कीमतें फिसली तो ये चिंताओं कुछ हद तक कम हुईं। नचिकेता के मुताबिक एनर्जी की कीमतों में नरमी ने केविन वॉर्श को सेंट्रल बैंक का कामकाज संभालने के दौरान कुछ राहत दी है। उन्होंने कहा कि अगर तेल सस्ता होता तो फेड को शायद अपनी आसान नीति से हटकर अधिक न्यूट्रल पॉलिसी रुख अपनाना पड़ता।


बाजार की किन बातों पर रहेगी नजर

फेड के पूर्व गवर्नर और लंबे समय से मॉनेटरी पॉलिसी पर टिप्पणी करने वाले केविन वॉर्श अब जब खुद फेड रिजर्व के चेयरमैन बने हैं तो अपनी पहली मीटिंग में क्या रुख अपनाते हैं, इस पर बाजार की नजर रहेगी। उनकी नियुक्ति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार ब्याज दरों को कम करने के लिए दबाव बनाने के बीच हुई है। हालांकि टैरिफ और जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते महंगाई की तेज रफ्तार ने दरों में कटौती का रास्ता मुश्किल कर दिया है। फेड सर्वे और फ्यूचर्स मार्केट, दोनों के मुताबिक पॉलिसी में ढील की उम्मीदें अब और आगे खिसक गई हैं। बता दें कि अमेरिकी फेड अपने नीतिगत फैसले के साथ-साथ अपडेटेड आर्थिक अनुमान भी जारी करेगा। मार्च में फेड ने इस साल एक बार दर में कटौती का अनुमान लगाया था, लेकिन बाजार की इस बात पर बारीकी से नजर रहेगी कि क्या केविन वॉर्श की लीडरशिप में यह अनुमान बदलता है।

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