ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch Ratings) ने चेतावनी दी है कि अमेरिका (USA) में साल 1990 के तरह की मंदी (Recession) आ सकती है। साल 1990 में अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी में चली गई थी, जो करीब 8 महीने लंबा चला था। इस दौरान वहां बेरोजगारी दर काफी बढ़ गई थी।
फिच ने कहा कि महंगाई की ऊंची दर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी इस स्प्रिंग सीजन (मार्च से मई) तक अमेरिकी इकोनॉमी को एक बार फिर ऐसी ही मंदी की तरफ ढकेल सकती है।
इसके साथ फिच ने मौजूदा और अगले वित्त वर्ष के लिए अमेरिका के GDP ग्रोथ के अनुमान को भी घटा लिया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अमेरिकी इकोनॉमी के इस साल सिर्फ 0.5 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। वहीं अगले वित्त वर्ष में इसकी ग्रोथ रेट 1.5 फीसदी रह सकती है।
फिच ने कहा कि महंगाई से अमेरिका के लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है और इसके चलते कंज्यूमर खर्च लगातार घटता जा रहा है। एजेंसी ने कहा कि साल 2023 की दूसरी तिमाही तक इसके चलते अमेरिकी इकोनॉमी में गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
हालांकि फिच ने यह भी कहा कि इस मंदी का असर, पिछले दो मंदी के मुकाबले कम रहने वाला है, जो अमेरिका के लिए राहत की बात हो सकती है। फिच रेटिंग्स के अर्थशास्त्रियों ने कहा, "हम जिस अमेरिकी मंदी की उम्मीद कर रहे हैं वह काफी हल्की रहने वाली है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने भी पिछले हफ्ते अमेरिका में मंदी आने की संभावना को स्वीकार किया था। बाइडेन ने कहा कि अमेरिका में मंदी आ सकती है। हालांकि, उन्होंने साथ में मंदी के चलते अमेरिका के बड़े संकट में फंसने की आशंका को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मंदी आ सकती है, लेकिन इकोनॉमी में गिरावट बहुत हल्की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमरिकी इकोनॉमी में इस संकट से उबरने की पर्याप्त क्षमता है।
Pierre-Olivier Gourinchas का कहना है कि इस साल इकोनॉमी को झटका लगने से वे घाव फिर से हरे हो जाएंगे, जो कोरोना की महामारी के बाद से भरने लगे थे। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोगों के लिए बुरा वक्त अभी आने वाला है। 2023 में मंदी जैसी स्थिति होगी।
उन्होंने ये बातें एक आर्टिकल में लिखी है। यह आर्टिकल IMF World Economic Report का हिस्सा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट में आईएमएफ ने 2022 के लिए जीडीप ग्रोथ के अपने अनुमान को 3.2 फीसदी पर बनाए रखा है। लेकिन, उसने 2023 में ग्रोथ के अनुमान को 0.20 फीसदी घटाकर 2.7 फीसदी कर दिया है।