Vodafone Idea: वोडाफोन आइडिया के सामने वजूद की लड़ाई, क्या PMO से मिलेगी राहत?
Vodafone Idea shares: वोडाफोन आइडिया का शेयर दो दिनों में 16% तक चढ़ा है। इस तेजी की वजह AGR बकाए पर PMO से राहत मिलने की उम्मीद है। जानिए PMO से वोडाफोन आइडिया को कैसी राहत मिल सकती है और इस स्टॉक पर ब्रोकरेज फर्मों की क्या राय है।
MoneyControl News
अपडेटेड Aug 25, 2025 पर 8:58 PM
वोडाफोन आइडिया पर एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) का करीब 83,400 करोड़ रुपये बकाया है।
Vodafone Idea shares: वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयरों में सोमवार, 25 अगस्त को करीब 7.5 प्रतिशत तक उछाल देखने को मिला। यह लगातार दूसरा सत्र है, जब कंपनी के शेयरों में तेज बढ़त देखने को मिली है। दो दिनों में स्टॉक कुल 16 प्रतिशत चढ़कर करीब 7.60 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया।
सोमवार को आखिर में वोडाफोन आइडिया का शेयर 4.67% के उछाल के साथ 7.40 रुपये पर बंद हुआ। यह तेजी मिंट की उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) कर्ज के बोझ तले दबी टेलीकॉम कंपनी के लिए राहत प्रस्ताव पर जल्द फैसला ले सकता है।
PMO के पास DoT का राहत प्रस्ताव
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, PMO को दूरसंचार विभाग (DoT) से एक अनौपचारिक नोट मिला है। इसमें वोडाफोन आइडिया को राहत देने के लिए कई विकल्प सुझाए गए हैं।
इनमें मौजूदा मोराटोरियम अवधि के तहत बकाया भुगतान पर अतिरिक्त दो साल की मोहलत, सालाना भुगतान का बोझ घटाना और AGR बकाए पर ब्याज व पेनल्टी माफ करना शामिल है। अब यह फैसला PMO करेगा कि इन उपायों को लागू किया जाए या नहीं। मनीकंट्रोल इस रिपोर्ट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका है।
सरकार का क्या कहना है?
केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्र शेखर ने कहा कि वोडाफोन आइडिया (Vi) के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये पर किसी भी अतिरिक्त राहत का फैसला सिर्फ एक मंत्रालय नहीं कर सकता। यह मुद्दा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), वित्त मंत्रालय, दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशंस (DoT) समेत पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामूहिक निर्णय से ही होगा।
उन्होंने साफ किया कि सरकार पहले ही कंपनी के काफी कर्ज को इक्विटी में बदल चुकी है और इस समय कोई नई चर्चा या योजना नहीं चल रही है।
भारी बकाया और वजूद की लड़ाई
वोडाफोन आइडिया पर एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) का करीब 83,400 करोड़ रुपये बकाया है। मार्च 2025 से कंपनी को हर साल लगभग 18,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्याज और पेनल्टी समेत सरकार पर इसकी कुल देनदारी करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
वोडाफोन आइडिया ने कई बार चेतावनी दी है कि फंडिंग सपोर्ट के बिना उसका वजूद खतरे में है। कंपनी की वित्तीय स्थिति को देखते हुए बैंक भी कर्ज देने से हिचकिचा रहे हैं। फिलहाल Vi के पास करीब 18,000 कर्मचारी और लगभग 19.8 करोड़ सब्सक्राइबर हैं।
कर्ज के लिए गैर-बैंकिंग विकल्पों की तलाश
वोडाफोन आइडिया के आउटगोइंग CEO अक्षय मूंदड़ा ने 18 अगस्त को जून तिमाही अर्निंग कॉल के दौरान कहा था कि वोडाफोन आइडिया अपने कैपेक्स प्लान्स को जारी रखने के लिए नॉन-बैंकिंग सोर्सेज से फंडिंग तलाश रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी पूरी 25,000 करोड़ रुपये की रकम नहीं, बल्कि उससे कम जुटाने पर विचार कर रही है, ताकि कैपेक्स साइकिल बनी रहे।
मूंदड़ा ने यह भी कहा कि कंपनी ने सरकार से AGR मामले का निपटारा मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले करने की औपचारिक मांग की है। उनके मुताबिक, ऐसा होने पर बैंकों का भरोसा बढ़ेगा और फाइनेंसिंग सपोर्ट की राह खुलेगी।
मोतीलाल ओसवाल ने वोडाफोन आइडिया के शेयर पर Sell रेटिंग दी है और 6 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह पिछले 6.55 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से 8 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट का संकेत देता है। ब्रोकरेज ने FY27-28 के लिए रेवेन्यू और EBITDA अनुमान 4-5 प्रतिशत घटाए हैं। उसका कहना है कि कि टारगेट प्राइस 6 रुपये डिस्काउंटेड कैश फ्लो (DCF) आधारित ~12.5x Sep’27E EV/EBITDA वैल्यूएशन पर तय किया गया है।
ICICI सिक्योरिटीज ने स्टॉक पर Hold रेटिंग बनाए रखी है और 7 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह पिछले क्लोजिंग प्राइस से लगभग 7 प्रतिशत अपसाइड दिखाता है। ब्रोकरेज का कहना है कि Vi के पास Q2FY26 तक कैपेक्स के लिए फंडिंग है, लेकिन इसके बाद की कैपेक्स व्यवस्था नई फंडिंग अरेंजमेंट पर निर्भर करेगी। साथ ही AGR विवाद का मार्च 2026 से पहले समाधान कंपनी के लिए बेहद अहम है।
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