देश के प्रमुख क्रिप्टो-एक्सचेंज वजीरएक्स (WazirX) ने अपने प्लेटफॉर्म पर करीब 2,431 खातों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। ये कार्रवाई अक्टूबर 2022 से मार्च 2023 के बीच में की गई है। वजीरएक्स ने मंगलवार 21 मार्च को जारी अपने चौथे ट्रांसपैरेंसी रिपोर्ट में यह जानकरी दी। कंपनी ने बताया कि इन खातों को ट्रांजैक्शन से जुड़े इंटरनल निगरानी प्रक्रिया के तहत या देश/विदेश की कानूनी एजेंसियों से निर्देश मिलने के बाद हटाया गया है। WazirX ने यह भी बताया कि वह संदिग्ध ट्रांजैक्शन से जुड़ी एक रिपोर्ट को भारत की फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट जैसी कानूनी एजेंसियों के साथ भी नियमित रूप साझा करती है।
WazirX ने अक्टूबर 2022 से मार्च 2023 के बीच उसे कानूनी एजेंसियों से 431 रिक्वेस्ट आए थे। इसमें से 385 रिक्वेस्ट भारतीय एजेंसियों की ओर से आए थे। जबकि 46 रिक्वेस्ट विदेशी कानूनी एजेंसियों की ओर से आए थे। कंपनी ने बताया कि इन खातों से करीब 39 करोड़ डॉलर के ट्रांजैकशन हुई थे।
इससे पहले अप्रैल-सितंबर 2022 के दौरान WazirX को कानूनी एजेंसियों से करीब 828 रिक्वेस्ट आए थे। अक्टूबर-मार्च के बीच WazirX के 3,96,126 यूजर इंटरेक्शन हुए।
पिछले हफ्ते एक और क्रिप्टो फर्म कॉइनडीसीएक्स (CoinDCX) ने बताया कि उसने वित्त मंत्रालय के पास खुद को 'रिपोर्टिंग एंटिटी' के तौर पर रजिस्टर कराया है। इसका मतलब है कि अब इस प्लेटफॉर्म को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अपने ग्राहकों के केवीआई जानकारी रखनी होगी।
WazirX ने यह रिपोर्ट ऐसे समय में जारी की है, जब वित्त मंत्रालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत क्रिप्टो प्लेटफॉर्म को भी लाने के लिए कदम बढ़ाया है।
WazirX के वाइस-प्रेसिडेंट राजगोपाल मेनन ने कहा, "ट्रांसपैरेंसी रिपोर्ट हमारे यूजर्स के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद क्रिप्टो ईकोसिस्टम को सक्षम करने की हमारी प्रतिबद्धता का एक वसीयतनामा है। हमने अपने प्लेटफॉर्म को अधिक से अधिक यूजर्स के लिए अनुकूल बनाने की कोशिशों पर ध्यान दिया है और अपने यूजर्स की किसी भी चिंता को दूर करने के लिए एक मजबूत कस्टमर सर्विस दी है।