एडवेंट इंटरनेशनल (Advent International) और कार्लाइल (Carlyle) के निवेश को 'कॉन्फिडेंस कैपिटल' के रूप में देखा जा सकता है। यस बैंक (Yes Bank) के एमडी और सीईओ प्रशांत कुमार (Prashant Kumar) ने यह बात कही। कुछ ही दिन पहले यस बैंक ने इस डील का ऐलान किया था। सोमवार (1 अगस्त) को CNBC-TV18 के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि दोनों इक्विटी फर्मों से मिली कैपिटल से ग्रोथ की रफ्तार बढ़ेगी। इससे बैंक को मीडियम-टू-लॉन्ग टर्म लोन ग्रोथ के टारगेट को पूरा करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस फंड के मिलने से बैंक की फिर से रेटिंग होगी। उन्होंने कहा कि एनपीए की बिक्री के बाद यस बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घटकर 1.25-1.5 फीसदी पर आ जाने की उम्मीद है। स्लिपेज रेशियो 2 फीसदी के अंदर होगा, जबकि बैंक की क्रेडिट कॉस्ट 40 बेसिस प्वॉइंट्स से कम होगी।
यस बैंक के एमडी ने बताया कि एडवेंट और कार्लाइल दोनों के यस बैंक में एक-एक नॉमिनी होंगे। यस बैंक ने 29 जुलाई को कहा था कि वह कार्लाइल और एडवेंट से जुड़े फंडों के जरिए 1.1 अरब डॉलर (करीब 8,900 करोड़) जुटाएगा। इनमें से हर इनवेस्टर के पास बैंक में 10-10 फीसदी तक हिस्सेदारी लेने का विकल्प होगा। इसमें 64 करोड़ डॉलर इक्विटी शेयर में होंगे और 47.5 करोड़ डॉलर इक्विटी शेयर वारंट के जरिए होंगे।
यस बैंक कार्लाइल को प्रति शेयर 13.78 रुपये की दर से 1.84 अरब तक शेयर जारी करेगा। उसने 370 करोड़ शेयर 13.78 रुपये की कीमत पर प्रिफरेंशियल आधार पर जारी करने का प्रस्ताव दिया है। इक्विटी में बदले जाने योग्य 257 करोड़ वारंट प्रति वारंट 14.82 रुपये की दर से जारी किए जाएंगे। इससे यस बैंक का इक्विटी कैपिटल बढ़कर 8,900 करोड़ रुपये हो जाएगा।
एप्रूवल के बाद यह इंडिया में किसी प्राइवेट सेक्टर के बैंक की तरफ से जुटाई जाने वाली सबसे बड़ी प्राइवेट कैपिटल होगी। इस डील के 4 से 10 हफ्ते में पूरी होने की उम्मीद है। यस बैंक के शेयर में सोमवार (1 अगस्त) को 3.34 फीसदी की तेजी आई, जिससे शेयर प्राइस 15.45 रुपये पर बंद हुआ।