Zomato से मंगाया खाना और चुना 'कैश-ऑन-डिलीवरी' तो देने पड़ेंगे ₹21 तक एक्स्ट्रा

चार्ज सभी ऑर्डर्स के लिए एक जैसा नहीं है, अलग-अलग ट्रांजेक्शन वैल्यू के लिए अलग-अलग चार्ज शो हो रहा है।इस साल की शुरुआत में Zomato ने प्लेटफॉर्म फीस 12.5 रुपये से बढ़ाकर 14.99 रुपये प्रति ऑर्डर कर दी। इस पर GST अलग से लगता है

अपडेटेड Sep 12, 2026 पर 4:26 PM
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ऑर्डर बिल में Zomato का यह नया चार्ज "पे ऑन डिलीवरी फीस" के तौर पर दिखता है।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना मंगाते हैं और कैश-ऑन-डिलीवरी (COD) ऑप्शन चुनते हैं तो संभल जाएं। कंपनी ने COD ऑर्डर्स पर एक अलग फीस शुरू की है। यह अलग-अलग यूजर्स और ऑर्डर की वैल्यू के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। रिपोर्ट्स की मानें तो यह फीस 5 रुपये से लेकर 21 रुपये तक है। ऑर्डर बिल में "पे ऑन डिलीवरी फीस" के तौर पर दिखने वाला यह नया चार्ज तब लागू होता है, जब ग्राहक डिलीवरी के समय अपने फूड ऑर्डर का पेमेंट कैश में करने का विकल्प चुनते हैं। चार्ज सभी ऑर्डर्स के लिए एक जैसा नहीं है, अलग-अलग ट्रांजेक्शन वैल्यू के लिए अलग-अलग चार्ज शो हो रहा है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फीस को तय करने का सटीक आधार क्या है और क्या यह ऑर्डर की वैल्यू, लोकेशन या दूसरे पैरामीटर्स जैसे फैक्टर्स से जुड़ा है, इसका तुरंत पता नहीं चल सका। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म अलग-अलग फीस स्ट्रक्चर और मॉनेटाइजेशन मॉडल्स के साथ प्रयोग कर रहे हैं।

कैश-ऑन-डिलीवरी ऑर्डर्स पर नई फीस के अलावा, जोमैटो प्लेटफॉर्म पहले से ही फूड ऑर्डर्स पर प्लेटफॉर्म फीस वसूलता है। इसके साथ ही ऑर्डर के आधार पर डिलीवरी, पैकेजिंग और अन्य चार्ज भी लागू होते हैं। जोमैटो की कॉम्पिटीटर स्विगी अभी कैश-ऑन-डिलीवरी ऑर्डर्स पर कोई अलग फीस नहीं ले रही है।


जोमैटो पर हर दिन लगभग 23-25 ​​लाख फूड ऑर्डर

मनीकंट्रोल के मुताबिक, जोमैटो प्लेटफॉर्म हर दिन लगभग 23-25 ​​लाख फूड ऑर्डर प्रोसेस करता है। अगर हर ऑर्डर कैश ऑन डिलीवरी मानें तो 5 रुपये का चार्ज हर दिन कंपनी को 1.15-1.25 करोड़ रुपये या सालाना लगभग 420-456 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई करा सकता है। लेकिन यह बात भी गौर करने वाली है कि कैश-ऑन-डिलीवरी ऑर्डर जोमैटो को मिलने वाले कुल ऑर्डर्स का एक छोटा हिस्सा ही होते हैं। लेकिन इससे पता चलता है कि प्लेटफॉर्म के ये छोटे-छोटे चार्ज भी कमाई का अहम जरिया बन सकते हैं।

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इस साल की शुरुआत में जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस 12.5 रुपये से बढ़ाकर 14.99 रुपये प्रति ऑर्डर कर दी। इस पर GST अलग से लगता है। कंपनी के मौजूदा ऑर्डर वॉल्यूम को देखते हुए, फीस में थोड़ी सी बढ़ोतरी भी सालाना सैकड़ों करोड़ रुपये की कमाई में बदल सकती है। पिछले साल सितंबर में मनीकंट्रोल के एक एनालिसिस में सामने आया था कि ई-कॉमर्स और फूड-डिलीवरी कंपनियों की प्लेटफॉर्म फीस से सालाना कुल मिलाकर 3,500-4,000 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है।

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