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Agri Commodity : दालों के भावों में इजाफा, आगे के लिए क्या कहते हैं बुआई के आंकड़ें?

Commodity market : एक्सपर्ट्स का कहना है कि देश में दालों की बुआई अच्छी है, इंपोर्ट जारी है, इस साल दालों की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। जब भी अच्छी बारिश आती है अनाज का उत्पादन बढ़ता है। दालों के लिए अच्छी बारिश एक शुभ संकेत है। 2 अगस्त तक दलहन की बुआई के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में तुअर की बुआई 41.89 लाख हेक्टेयर रही है। वहीं ये 2023 में 33.27 लाख हेक्टेयर रही थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 08, 2024 पर 3:17 PM
Agri Commodity : दालों के भावों में इजाफा, आगे के लिए क्या कहते हैं बुआई के आंकड़ें?
Commodity market:2023 की तुलना में बुआई के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में तुअर की बुआई में 26 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। वहीं, उड़द की बुआई में 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है

Commodity market : भारत में बारिश के आंकड़े देखें तो ये काफी अच्छे हैं। पिछले साल के मुकाबले बुआई के आंकड़े भी  3 फीसदी ज्यादा हैं। इसमें दालों की बुआई के आंकड़ें काफी ज्यादा है। जहां तक तुअर की बुआई के आंकड़ों की बात है तो ये पिछले साल की तुलना में 24 फीसदी ज्यादा हैं। देश में हाल के दिनों में दालों के भाव बढ़ते दिखें हैं। सरकार ने दालों के भाव पर नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं। लेकिन बुआई के ताजे आंकड़ों को देखते हुए आगे दालों के भाव इसकी उपलब्धता कैसी रहेगी इस पर बात करने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ जुड़े मैकडोनाल्ड पेल्ज CEO (एशिया) सुमित गुप्ता

इस बातचीत में सुमित गुप्ता ने कहा कि देश में दालों की बुआई अच्छी है, इंपोर्ट जारी है, इस साल दालों की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। जब भी अच्छी बारिश आती है अनाज का उत्पादन बढ़ता है। दालों के लिए अच्छी बारिश एक शुभ संकेत है। देश में दालें रेन शैडो इलाकों में उगाई जाती है। ऐसे में जब भी हमारे देश में बारिश कम होती है तो इसका खामियाजा सबसे ज्यादा दालों को भुगतना पड़ता है। जिसके कारण दालों का उत्पादन घटता है और इनकी कीमतों में इजाफा होता है।

उन्होंने आगे कहा कि बारिश बहुत अच्छी है। हमने चना और पीली मटर का काफी आयात किया है। अफ्रीका में भी भारत को ध्यान में रखते हुए ज्यादा तुउर उगाई जा रही है। ऐसे में यहां से फूड इंफ्लेशन या दालों को महंगाई की कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।आगे दालों की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी। देश में दीवाली से पहले अफ्रीका की फसल की भी आवक शुरू हो जाएगी।

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