Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच मिलिट्री हमले रुकने के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 6 फीसदी गिरकर $90.88 प्रति बैरल पर ट्रेड करते नजर आए। इस डी-एस्केलेशन से मिडिल ईस्ट में सप्लाई में बड़ी रुकावटों का डर कम हो गया।
WTI क्रूड $5.29 यानी 5.92% गिरकर $84.02 प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया। जबकि ब्रेंट क्रूड $5.90 यानी 5.90% गिरकर $90.88 पर रहा।
क्रूड में यह गिरावट एनर्जी मार्केट में बहुत ज़्यादा उतार-चढ़ाव वाले एक हफ़्ते के बाद आई है। पिछले हफ्ते कच्चे तेल का दाम $102 तक पहुंचे था। उस दौरान तेल की कीमतें कुछ समय के लिए कई महीनों के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई, इस डर के बीच कि ईरान, US और हूथी मिलिटेंट्स के बीच लड़ाई होर्मुज स्ट्रेट और रेड सी के जरिए क्रूड एक्सपोर्ट में रुकावट डाल सकती है।
ईरान पर लगातार दूसरी रात US ने हमला नहीं किया। ईरान ने भी अभी तक जवाबी हमला नहीं किया। ईरान ने स्ट्रेट को लेकर ओमान के साथ बातचीत की। इधर ईरानी सेना ने कहा कि US आने वाले दिनों के लिए नई रणनीति बना सकता है। मौजूदा स्थिति अमेरिका की उम्मीद के मुताबिक नहीं है। US ने हमला जारी रखा तो युद्ध का दायरा और बढ़ेगा।
अमेरिका के UN राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने NBC से कहा कि राष्ट्रपति ने सभी विकल्प खुले रखे हैं। फिलहाल राष्ट्रपति बातचीत का मौका दे रहे हैं। हर स्तर पर बातचीत जारी है।
हूतियों ने शनिवार को मिसाइल, ड्रोन हमला किया। जिज़ान और यानबू में मिसाइल, ड्रोन हमला किया। सऊदी अरामको से जुड़े ठिकानों पर हमला किया। जवाब में सऊदी वाले गठबंधन ने भी हमला किया। हूतियों के सैन्य ठिकानों पर हमला किया।
ट्रंप ने क्यों रोके हमले?
न्यूयॉर्क टाइम्स ने हमलों पर जारी अपने रिपोर्ट में कहा है कि पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल की संख्या घटी है। दूसरे एयर डिफेंस हथियारों का भंडार घटा है।
अब कहां तक जाएगा क्रूड का भाव
एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा ने कहा कि तेल का सीधा संबंध यूएस- ईरान के बीच बातचीत पर आधारित है। 1-2 दिन के भीतर दोनों देशों में हो रही बातचीत की सरकारी पुष्टि हो जाएगी। फिलहाल बाजार में क्रूड की कीमतों को लेकर काफी असमंजस की स्थिति में है। बीते 48 घंटे में यूएस- ईरान ने एक -दूसरे पर हमले नहीं किए है।
नरेंद्र तनेजा ने आगे कहा कि क्रूड के मौजूदा प्राइस का डिमांड एंड सप्लाई से नहीं बल्कि जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण दिखाई दे रही है। हालांकि जियोपॉलिटिकल प्रीमियम 80 फीसदी मिडिल ईस्ट या गल्फ की सिचुएशन से है ।
बाजार जानता है कि यूएस जंग से बाहर निकलना चाहता है। अमेरिका में चुनाव धीरे-धीरे नजदीक आ रहे है। छुट्टियों का मौसम शुरु हो चुका है। तो ऐसे में ट्रंप चाहते है कि जो इन देशों के बीच MOU साइन हुआ है वो पीस डील में तब्दील हो जाए। वहीं ईरान भी समझ चुका है कि यूएस के साथ डील हो जाए।
नरेंद्र तनेजा ने आगे कहा कि क्रूड की कीमतें आगे दोनों देशों के बातचीत के हिसाब से ऊपर- नीचे जाते दिखेंगे। ऐसे में हम उम्मीद करते है कि क्रूड की रेंज 80 डॉलर प्रति बैरल से 115 डॉलर प्रति बैरल के बीच रह सकती है। अगर दोनों देशों के बीच बातचीत हुई और सहमति बनी तो भाव 80 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकते हैं। अगर हमले फिर से शुरु हो तो भाव तुरंत 115 डॉलर तक पहुंच सकते हैं। सब कुछ बातचीत और हमलों पर निर्भर करेगा।
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