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केंद्र सरकार ने पैराबॉइल्ड राइस पर निर्यात शुल्क घटाकर शून्य किया, एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए उठाया कदम

पैराबॉइल्ड राइस पर केंद्र सरकार ने 22 अक्टूबर को निर्यात शुल्क को मौजूदा 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने का ऐलान किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दुनिया के सबसे बड़े अनाज निर्यातक देश में भंडार बढ़ गया है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पिछले महीने शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 23, 2024 पर 9:35 AM
केंद्र सरकार ने पैराबॉइल्ड राइस पर निर्यात शुल्क घटाकर शून्य किया, एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए उठाया कदम
पैराबॉइल्ड राइस पर निर्यात कर हटाने के निर्णय पर Indian Rice Exporters Association के उपाध्यक्ष देव गर्ग ने कहा कि ये नई सीजन की फसल के बारे में सरकार के आत्मविश्वास का संकेत देता है

केंद्र सरकार ने 22 अक्टूबर को उबले चावल (parboiled rice) पर निर्यात शुल्क (export tax ) को मौजूदा 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने की घोषणा की। एक सरकारी अधिसूचना में ऐसा कहा गया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दुनिया के सबसे बड़े अनाज निर्यातक देश में भंडार बढ़ गया है। वहीं भारी मानसूनी बारिश के बाद देश बंपर फसल पैदा करने के लिए तैयार है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने के पिछले महीने के कदम के बाद मंगलवार को उबले चावल पर से कर हटाने का निर्णय लिया गया है।

सितंबर में, सरकार ने गैर-बासमती सफेद चावल ( non-basmati white rice) के निर्यात को फिर से शुरू करने की भी अनुमति दे दी। लेकिन केंद्र सरकार ने गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात के लिए न्यूनतम कीमत 490 डॉलर प्रति मीट्रिक टन निर्धारित की है।

कम होंगी अंतरराष्ट्रीय कीमतें

व्यापार और उद्योग अधिकारियों (trade and industry officials) ने कहा कि भारत से चावल की बड़ी खेप पूरी दुनिया में इसकी आपूर्ति को बढ़ाएगी। इसकी वजह से पाकिस्तान, थाईलैंड और वियतनाम जैसे अन्य प्रमुख निर्यातकों को अपनी दरें कम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय कीमतें भी नरम हो जायेंगी।

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