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Crude Oil Price : होमुर्ज के बाद बाब-अल-मंदेब जलमार्ग पर भी बड़ा खतरा, सऊदी अरब से 4% और घट सकती है कच्चे तेल की सप्लाई

Crude Oil Price :बाजार का फोकस मिडिल ईस्ट की घटनाओं पर बना हुआ है, जहां सुरक्षा को लेकर नई चिंताओं ने एक्सपोर्ट के अहम रास्तों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। सऊदी अरब के लिए तेल का एक्सपोर्ट जारी रखना एक नई मुश्किल में पड़ गया है। यमन में ईरान के सपोर्ट वाले हूती लड़ाकों ने लाल सागर के मुहाने पर एक द्वीप पर कब्ज़ा कर लिया है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Sep 14, 2026 पर 11:16 AM
Crude Oil Price : होमुर्ज के बाद बाब-अल-मंदेब जलमार्ग पर भी बड़ा खतरा, सऊदी अरब से 4% और घट सकती है कच्चे तेल की सप्लाई
शुक्रवार को ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद होने से यह दबाव और बढ़ गया है। रॉयटर्स के मुताबिक रियाद ने इस हमले से हुए नुकसान की पूरी जानकारी नहीं दी है

Crude Oil Price : सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में बाधा की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। नवंबर की डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.8 प्रतिशत बढ़कर 107.54 डॉलर प्रति बैरल पर दिख रहा है। जबकि अक्टूबर की डिलीवरी वाला US बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 2.3 प्रतिशत बढ़कर 102.34 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। 100 डॉलर के स्तर से ऊपर आने के बाद दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में पिछले हफ़्ते की बढ़त जारी है।

बाजार का फोकस मिडिल ईस्ट की घटनाओं पर बना हुआ है, जहां सुरक्षा को लेकर नई चिंताओं ने एक्सपोर्ट के अहम रास्तों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। सऊदी अरब के लिए तेल का एक्सपोर्ट जारी रखना एक नई मुश्किल में पड़ गया है। यमन में ईरान के सपोर्ट वाले हूती लड़ाकों ने लाल सागर के मुहाने पर एक द्वीप पर कब्ज़ा कर लिया है। इससे रणनीतिक रूप से अहम बाब-अल-मंदेब जलमार्ग पर उनकी पकड़ और मज़बूत हो गई है। यह सब ऐसे समय में हुआ है जब देश की मेन पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन पहले से ही बंद है।

इन घटनाओं से ग्लोबल ऑयल सप्लाई में और बड़ी रुकावट आने की आशंका बढ़ गई है। रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब के तेल खरीदारों और ट्रेडर्स का कहना है कि अगर देश के अंदर कच्चे तेल को रेड सी कोस्ट तक ले जाने वाली पाइपलाइन दोबारा चालू नहीं की गई तो सऊदी अरब का एक्सपोर्ट स्टॉक कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है।

गौरतलब है कि बाब-अल-मंदेब,लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच एक अहम रास्ता है। इस जलमार्ग के आसपास हूती विद्रोहियों का कब्जा और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में लगातार आ रही रुकावटों की वजह से सऊदी अरब के पास अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक कच्चा तेल पहुंचाने के विकल्प बहुत कम रह गए हैं।

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