त्योहारों में लोगों को सस्ता गेहूं मिले इसके लिए सरकार गेहूं की आयात ड्यूटी में कटौती कर सकती है। सीएनबीसी-आवाज को सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक गेहूं के बढ़ते दामों की समीक्षा के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक जल्द हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक सरकार गेहूं पर इंपोर्ट ड्यूटी घटा सकती है। इस खबर पर विस्तार से जानकारी देते हुए असीम मनचंदा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गेहूं की कीमतों में बढोतरी देखने को मिली है। वहीं भारतीय बाजारों की बात करें तो गेहूं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। नई फसल के आवक के बाद गेहूं के दाम MSP के नीचे फिसल गए थे। लेकिन उसके बाद कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिला है।
बतातें चलें कि सरकार की ओर से गेहूं की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए सरकार ने स्टॉक लिमिट भी लगाई गई थी। इसके साथ ही एफसीआई खुले बाजार में गेहूं बेच रहा है। सरकार की कोशिशों के बावजूद दामों में कमी नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक GoM गेहूं की बढ़ती कीमतों की जल्द समीक्षा करेगा। बता दें कि आज दिल्ली की मंडियों में गेहूं का भाव `2500/क्विंटल पहुंचा है।
इस बीच रसिया ने भी संकेत दिए है कि वहां गेहूं की प्रोडक्शन अच्छी हुई है और वह गेहूं एक्सपोर्ट करने के लिए भी तैयार है। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल सरकार कई तरह के विकल्पो की तलाश कर रही है ताकि त्योहारी सीजन पर आम लोगों को सस्ता गेहूं मुहैया कराया जा सकें।
इस बीच दूसरी तरफ कमोडिटी पर नजर डालें तो कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से गर्माहट देखने को मिल रही है। ब्रेंट क्रूड का भाव 3 महीनों की शिखर पर 83 डॉलर के करीब पहुंच चुका है। MCX पर भी कच्चे तेल का भाव 6450 के पार पहुंच चुका है। क्रूड का भाव 1 दिन में 2 फीसदी चढ़ा है। ब्रेंटआज करीब $83 की ऊंचाई पर पहुंचा है। कल से अबतक WTI क्रूड 3% चढ़ा है। आज WTI $79 की ऊंचाई पर पहुंचा है।
सप्लाई घटने और चीन में मांग बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। चीन में आर्थिक पैकेज की घोषणा से मांग बढ़ी है। OPEC+ देशों के उत्पादन में कटौती से तेजी देखने को मिला। CITI के मुताबिक Q3 में भाव $83/bbl रहेगा। अमेरिका में क्रूड इन्वेंट्री घटने का भी अनुमान किया है। आज से अमेरिकी फेड की बैठक पर भी नजरें है।