Commodity market:ऑलटाइम हाई पर सोना, अब क्या हो इसमें निवेश रणनीति

एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि यूएसफेड महंगाई के खिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखने के संकेत दे रहा है। लेकिन बाजार यह मान के चल रहा है कि अमेरिका में खराब होती स्थिति के चलते अब ब्याज दरों में बहुत बड़ी बढ़त की संभावना नहीं है

अपडेटेड Jan 14, 2023 पर 1:52 PM
यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरों में की जाने वाली बढ़ोतरी के चलते गोल्ड की कीमतों में वोलैटिलिटी देखने को मिल सकती है। ऐसे में हमें सोने में खरीदारी करने का मौका मिलेगा

अमेरिका में पिछले महीने मंहगाई कम होने की खबर के बाद इस बात की उम्मीद बढ़ी है कि यूएस फेड ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर लगाम लगाता नजर आएगा। इस उम्मीद के साथ ही 12 जनवरी को भारतीय बाजार में सोने की कीमतें ऑल टाइम हाई हिट करती नजर आईं। आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़त पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है। वहीं ब्याज दरों में गिरावट पर सोने के भाव में बढ़त देखने को मिलती है। भारत में प्रति 10 ग्राम गोल्ड फ्यूचर की कीमतें 56245 रुपये पर पहुंच गई हैं। जो कि अगस्त 2020 के 56,191 के पिछले रिकॉर्ड हाई से भी ज्यादा हैं।

निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश में सोने की तरफ कर रहे रुख 

मंदी के डर और बढ़ती ब्याज दरों के कारण विकसित देशों में इक्विटी बाजारों में दबाव देखने को मिला है। इसी समय क्रिप्टो करेंसी में आई गिरावट के चलते भी निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश में सोने की तरफ रुख कर रहे हैं। जिसके चलते सोने की कीमतों में बढ़त देखने को मिल रही है।


इंटरनेशनल मार्केट में सोने के भाव 1900 डॉलर के ऊपर 

पृथ्वी फिनमार्ट के मनोज जैन का कहना है कि हाल ही में आए अमेरिका के महंगाई आंकड़े काफी संतुलित और उम्मीद के मुताबिक रहे हैं। जिसके चलते सोने की कीमतों में बढ़त देखने को मिली है। डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी सोने को सपोर्ट मिल रहा है। गौरतलब है कि इंटरनेशनल मार्केट में सोने के भाव 1900 डॉलर के ऊपर चले गए हैं। यह अप्रैल 2022 के बाद का हाईएस्ट लेवल है। ऐसे में आइये देखते हैं सोने में निवेश के लिए एक्सपर्ट्स की क्या है राय।

एक्सपर्ट्स  की राय

एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि यूएसफेड महंगाई के खिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखने के संकेत दे रहा है। लेकिन बाजार यह मान के चल रहा है कि अमेरिका में खराब होती स्थिति के चलते अब ब्याज दरों में बहुत बड़ी बढ़त की संभावना नहीं है। साल 2023 के मध्य तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर लगाम लगती नजर आ सकती है।

पृथ्वी फिनमार्ट के मनोज जैन का मानना है कि ग्लोबल मंदी से जुड़ी चिंताओं और दुनिया के सेंट्रल बैंकों की तरफ से सोन की बढ़ती मांग के चलते सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती जारी रहेगी। बाजार की वर्तमान उठापटक में गोल्ड में निवेश पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने और जोखिम को कम करने में सहायक होगा। वहीं दूसरी तरफ क्वांटम असेट मैनेजमेंट की गजल जैन का कहना है कि वर्तमान में सोने की कीमतें अपने ऑलटाइम हाई पर हैं। लेकिन अगले कुछ महीनों में यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरों में की जाने वाली बढ़ोतरी के चलते गोल्ड की कीमतों में वोलैटिलिटी देखने को मिल सकती है। ऐसे में हमें सोने में खरीदारी करने का मौका मिलेगा।

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वहीं एक दूसरे एक्सपर्ट फिनसेफ इंडिया के Mrin Agarwal का कहना है कि गोल्ड की कीमतों में अब तक काफी तेजी आ चुकी है। अगर आप वर्तमान स्तरों में सोने में निवेश करना चाहते हैं तो यह ध्यान रखें कि आप पहले ही काफी बढ़त गंवा चुके हैं। नए निवेशकों को रिटर्न हासिल करने के लिए अब अपने निवेश में लंबे समय तक टिकना होगा। अग्रवाल की सलाह है कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड को 10-15 फीसदी हिस्सा आबंटित करना चाहिए।

 

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