Commodity Market: सनफ्लावर ऑयल की खपत में बढ़ोतरी, क्या आगे भी बनी रहेगी जबरदस्त डिमांड

Commodity Market: सनफ्लावर ऑयल की खपत में बढ़ोतरी देखने को मिली। 2024 में ग्लोबल खपत 68 मिलियन टन रही है। 2023 के मुकाबले 2024 में 2.4% ज्यादा सनफ्लावर ऑयल की खपत रही है

अपडेटेड May 20, 2025 पर 12:23 PM
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2024 में चीन, अमेरिका, भारत, रूस, और तुर्किए में सनफ्लावर ऑयल की सबसे ज्यादा खपत रही थी।

Commodity Market: सनफ्लावर ऑयल की खपत में बढ़ोतरी देखने को मिली। 2024 में ग्लोबल खपत 68 मिलियन टन रही है। 2023 के मुकाबले 2024 में 2.4% ज्यादा सनफ्लावर ऑयल की खपत रही है। सनफ्लावर ऑयल का ग्लोबल मार्केट 2024 में $116.5 बिलियन रहा था जो कि 2023 के मुकाबले 7.9% कम है।

बाजार जानकारों का मानना है कि सनफ्लावर ऑयल में बेहतर ग्रोथ संभव है। 2035 के तक खपत में औसतन 1.1% की बढ़ोतरी संभव है । कीमतों में सालाना 2% की बढ़ोतरी संभव है। 2035 तक खपत 77 मिलियन टन तक पहुंचने की उम्मीद है। ग्लोबल मार्केट 2035 तक $144.3 बिलियन तक संभव है।

2024 में चीन, अमेरिका, भारत, रूस, और तुर्किए में सनफ्लावर ऑयल की सबसे ज्यादा खपत रही थी। सनफ्लावर ऑयल का प्रमुख निर्यातक देश तुर्किए और यूर्केन है। तुर्किए और यूर्केन का कुल ग्लोबल निर्यात में 35% हिस्सेदारी है।


SUNVIN ग्रुप के सीईओ संदीप बाजोरिया का कहना है कि सनफ्लावर सीड उत्पदान बढ़कर 56.5 मिलियन टन होने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में सनफ्लावर ऑयल सप्लाई बढ़ने की संभावना है। कुल 35 लाख टन में से 18 लाख टन इंपोर्ट रूस से होता है।

दाल इंपोर्ट में गिरावट

दाल इंपोर्ट में गिरावट देखने को मिली। अप्रैल में दाल इंपोर्ट में 23.5% की कमी आई। अप्रैल में $314.4 मिलियन का दाल इंपोर्ट हुआ। जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा $411 मिलियन था। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह पीली मटर (yellow peas) और मसूर (lentils) के आयात में तेज गिरावट है।

चना और मसूर पर आयात शुल्क फिर से लागू किया । तुअर और उड़द पर ड्यूटी-फ्री मार्च 2026 तक खुली रहेगी।

आयात में यह गिरावट मुख्य रूप से पीली मटर और मसूर की कम खरीद के कारण आई है। पीली मटर का आयात 29,308 टन रहा, जबकि पिछले साल 64,583 टन था। इस बीच तुअर और उड़द का आयात बढ़ा है। तुअर का आयात अप्रैल में 98,162 टन और उड़द का आयात 89,212 टन रहा । दोनों में पिछले साल की तुलना में तेज़ बढ़त हुई है।

पूरे FY25 में दालों का कुल आयात 67.05 लाख टन तक पहुँचने का अनुमान लगाया है, जो पिछले साल के मुकाबले 52.2% की वृद्धि होगी।केंद्र सरकार ने चना और मसूर पर आयात शुल्क फिर से लागू किया है, जबकि तुअर और उड़द पर ड्यूटी-फ्री खिड़की मार्च 2026 तक खुली रहेगी।

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