15 अक्टूबर से महाराष्ट्र में गन्ने की पेराई की शुरुआती हुई है। 160 दिनों तक 203 चीनी मिले गन्नों की पेराई करेंगी। गन्ने की रोपाई 2.55 लाख हेक्टयर में ज्यादा हुई है। ज्यादा रोपाई से चीनी का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। प्रति हेक्टेयर 95 टन उत्पादन की उम्मीद है। 2022-23 में 138 लाख मिट्रिक टन उत्पादन का उम्मीद है।
बता दें कि 15 अक्टूबर से शुरु होने वाले सत्र में गन्ने का पेराई क्षेत्र 14 लाख 87 हजार हेक्टेयर बढ़ा है। औसतन प्रति हेक्टेयर में 95 टन गन्ना उत्पादन का अनुमान है। इस पेराई सत्र में 203 चीनी मिले गन्नों की पेराई करेंगी। केंद्र सरकार ने चीनी की FRP 3.05 रुपये प्रति मिट्रिक टन तय की है।
गौरतलब है कि फिलहाल देश में 60 लाख मीट्रिक टन चीनी का भंडारण है। इसमें महाराष्ट्र के 30 लाख मीट्रिक टन चीनी का समावेश है। इस साल भारत से 100 लाख मीट्रिक टन चीनी भारत से निर्यात होने का अनुमान किया गया है। जिसमें महाराष्ट्र की 60 लाख मीट्रिक टन चीनी शामिल होगी। बतातें चलें कि देश के इथेनॉल उत्पादन में महाराष्ट्र का हिस्सा 35 प्रतिशत हैं। अगले साल 325 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्पादन किया जाएगा।
महाराष्ट्र में गन्ने की रोपाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2021-22 में गन्ने की रोपाई 12.32 लाख हेक्टेयर रही थी जबकि 2022-23 में गन्ने की रोपाई 14.87 लाख हेक्टेयर रही है। वहीं वित्त वर्ष 2021-22 में चीनी का उत्पादन 137.36 लाख मिट्रिक टन रहा था जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में यह 138लाख मिट्रिक टन रहा है।
गौरतलब है कि राज्य में इस साल गन्ना पैदावार क्षेत्र बढ़ा है। इसके चलते चीनी उत्पादन में विश्व भर में महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।