Cotton Price : देश में कॉटन की बुआई 3% घटी, क्या मांग, सप्लाई और कीमतों पर दिखेगा इसका कोई असर

Cotton Price : देश में कॉटन की बुआई 3% घटी है। ऐसे में मांग, सप्लाई और दाम कैसे हैं। 5 सितंबर 2024-25 में 112.13 लाख हेक्टेयर पर था । जबकि 5 सितंबर 2025-26 में109.17 लाख हेक्टेयर में कॉटन की बुआई हुई

अपडेटेड Sep 09, 2025 पर 5:30 PM
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संचित राजपाल का कहना है कि पिछले कुछ सालों में कॉटन की चमक कम हुई है। देश में कॉटन का उत्पादन लगातार घट रहा है।

Cotton Price : देश में कॉटन की बुआई 3% घटी है। ऐसे में मांग, सप्लाई और दाम कैसे हैं। 5 सितंबर 2024-25 में 112.13 लाख हेक्टेयर पर था । जबकि 5 सितंबर 2025-26 में109.17 लाख हेक्टेयर में कॉटन की बुआई हुई।

बता दें कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 22% योगदान देता है। महाराष्ट्र और गुजरात भारत में कपास के सबसे बड़े उत्पादक राज्य हैं। भारत कच्चे कपास का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक है, और बांग्लादेश, चीन और वियतनाम इसके प्रमुख आयातक देशों में से हैं।

मंजीत कॉटन के ईडी संचित राजपाल का कहना है कि पिछले कुछ सालों में कॉटन की चमक कम हुई है। देश में कॉटन का उत्पादन लगातार घट रहा है। कॉटन की कम यील्ड भारत के लिए बड़ी समस्या है। दुनिया में 50 देश कॉटन उगाते हैं। भारत बुआई के मामले में दुनिया में नंबर वन, यील्ड के मामले में 35 रैंक पर है। भारत में कॉटन की यील्ड 600 किलो प्रति हेक्टेयर आती है। जबकि अमेरिका, चीन का औसत 2500-2800 किलो प्रति हेक्टेयर आती है।

उन्होंने आगे कहा कि पहले देश 20 फीसदी कॉटन एक्सपोर्ट करता था, अब हम इंपोर्ट करते हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा बुआई भारत में होती है। MSP ज्यादा होने से किसानों को फायदा, इंडस्ट्रीज को नुकसान हुआ।


उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका, चीन में प्रति हेक्टेयर 2500 किलो की यील्ड आती है। बाजार में कॉटन के कई विकल्प आ गए हैं। मैन-मेड फाइबर से कॉटन को चुनौती मिल रही है। उन्होंने आगे कहा कि कॉटन की कीमतों में आगे भी दबाव जारी रहने की आशंका है।

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