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कॉटन की कीमत 30,000 रुपये से नीचे जाने के आसार, जानिए क्या है वजह

एक्सपर्ट का कहना है कि कॉटन की मांग में भारी कमी, मजबूत डॉलर, ग्लोबर मंदी की आशंका और आने वाले समय में बेहतर फसल रहने की संभावना के चलते इसकी कीमतों में गिरावट आ सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 27, 2022 पर 11:49 AM
कॉटन की कीमत 30,000 रुपये से नीचे जाने के आसार, जानिए क्या है वजह
ऊंचे भाव और सप्लाई में कमी की वजह से कॉटन की मांग में कमी देखने को मिल रही है।

मौजूदा हालात को देखते हुए घरेलू और विदेशी बाजार में कॉटन की कीमतों में तेजी का दौर खत्म होता हुआ नजर आ रहा है। साल 2022 के आखिर तक घरेलू बाजार में कॉटन का भाव 30,000 रुपये के नीचे लुढ़क सकता है। वहीं विदेशी बाजार यानी ICE पर कॉटन दिसंबर वायदा का भाव भी गिरकर 80 सेंट प्रति पाउंड के स्तर पर आने की उम्मीद है। ओरिगो ई-मंडी के असिस्टेंट जनरल मैनेजर (कमोडिटी रिसर्च) तरुण सत्संगी का कहना है कि मांग में भारी कमी, मजबूत डॉलर, ग्लोबल मंदी की आशंका और आने वाले समय में फसल अच्छी रहने की संभावना से कीमतों में गिरावट का रुझान बना हुआ है।

वहीं आने वाले महीनों के दौरान भी कीमतों पर दबाव की आशंका बरकरार रह सकती है। तरुण सत्संगी ने आगे कहा कि हमने जून की शुरुआत में अनुमान जारी किए थे। जिसमें कहा गया था कि कॉटन का भाव 41,800 रुपये-40,000 रुपये तक गिर सकता है। वहीं अब हमने इसमें बदलाव किया है। अब इस साल के आखिर तक 30,000 रुपये के नीचे रहने का अनुमान जारी किया है।

बता दें कि भारत में कॉटन के भाव में 50,330 रुपये प्रति गांठ की रिकॉर्ड ऊंचाई से तकरीबन 18 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। तरुणा का कहना है कि मई 2022 की शुरुआत तक कॉटन में ढाई साल की तेजी का दौर खत्म हो चुका था। बीते 2 महीने से भी कम समय में विदेशी बाजार में कॉटन का भाव साढ़े 11 साल की रिकॉर्ड ऊंचाई 155.95 सेंट प्रति पाउंड से 37 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं। ICE पर कॉटन दिसंबर वायदा का भाव पिछले एक हफ्ते में 18 फीसदी लुढ़ककर 98.05 सेंट प्रति पाउंड पर बंद हुआ था। जबकि भारत में हमने कीमतों में 10.58 फीसदी का करेक्शन देखा था।

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