Crude Oil Price Action: रूस पर अमेरिकी पाबंदी की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। कच्चा तेल 5 महीनों की ऊंचाई पर पहुंचा। ब्रेंट 2.5 फीसदी उछलकर 82 डॉलर के पार निकला है। वहीं WTI का भाव 80 डॉलर के पार निकला है। अमेरिका में इन्वेंटरी घटने से क्रूड में तेजी आई है।
इधर डॉलर में कमजोरी से भी कच्चे तेल की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। इजरायल और हमास के बीच सीजफायर पर बनी सहमति से भी खास फायदे की उम्मीद नहीं है।
आने वाले 2-3 हफ्ते क्रूड के दाम बढ़ सकते हैं
एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा का कहना है कि बाजार को सप्लाई में गिरावट आने की आशंका है। ओपेक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कच्चे तेल की मांग 16 लाख बैरल बढ़ सकती है। हालांकि इससे मैं सहमत नहीं हूं। यूएस का रूसी तेल पर नए प्रतिबंध लगाने का असर कच्चे तेल पर देखने को मिल रहा है।
नरेंद्र तनेजा ने आगे कहा कि बाजार की निगाहें ट्रंप पर बनी हुई है। देखना होगा कि क्या ट्रंप बाइ़डेन के फैसले को आगे भी जारी रखेंगे। ऐसे में हो सकता है ब्रेंट 90 डॉलर तक भी पहुंच सकता है, हालांकि वह इस भाव पर टिकेगा नहीं। रूस के साथ मिलकर ओपेक देश काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप क्रूड का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे सकते है। बाजार को 20 जनवरी का इंतजार है।
नरेंद्र तनेजा ने आगे कहा कि जब तक अमेरिका में नई सरकार सेंटल नहीं हो जाती है तब क्रूड की कीमतें ऊपर की तरफ जाएगी। यानी आने वाले 2-3 हफ्ते क्रूड के दाम बढ़ सकते हैं लेकिन वह ऊपरी स्तर पर टिकेंगे नहीं। क्योंकि बाजार में मांग नहीं है लेकिन जरुरत से ज्यादा सप्लाई है।
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