Crude Oil Price Fall : मंदी और डिमांड घटने की आशंका से क्रूड में भी भारी गिरावट देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड ऑयल लगभग 4% गिरकर 4 साल के निचले स्तर $63.21 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि पिछले हफ्ते यह 11% गिरा था। इस बीच, WTI $60 प्रति बैरल पर था। कच्चे तेल का भाव 64 डॉलर के नीचे फिसलकर अप्रैल 2021 के निचले स्तर पर लुढ़का है। वहीं एमसीएक्स पर कच्चा तेल 5200 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। अप्रैल 2021 के बाद क्रूड ऑयल का भाव निचले स्तरों पर पहुंचा है
बता दें कि सऊदी अरब ने अपने कच्चे तेल की कीमत में दो साल से अधिक समय में सबसे बड़ी कटौती की है। इसके अलावा ट्रेड वॉर की बढ़ती अनिश्चितताओं की वजह से ग्लोबल मंदी और कमजोर मांग के संकेत से कच्चे तेल में दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार को अमेरिका में मंदी की आशंका है। इधर चीन ने अमेरिका पर 34% का टैरिफ लगाया। जिसके चलते बाजार को मांग बढ़ने की आशंका बढ़ी है।
इस बीच सऊदी ने एशिया के लिए कीमतें घटाई है। सऊदी अरामको मई के लिए एशिया में अपने सबसे बड़े खरीदारों को अरब लाइट क्रूड $2.3 प्रति बैरल की कम भाव पर बेचेगा। यह एलान कुछ दिनों बाद OPEC+ समूह के देशों ने उत्पादन बढ़ाने के फैसले के बाद किया है।
ICICI सिक्योरिटीज के एनर्जी एनालिस्ट प्रोबल सेन का कहना है कि क्रूड की गिरावट OMCs के लिए अच्छी बात है। सरकार OMCs को कीमतें घटाने को कह सकती है। ब्रेंट 55 डॉलर जाना लोगोों के लिए अच्छा है, लेकिन अर्थव्यवस्था के लिए बुरा है। क्रूड का $60 से नीचे जाने का मतलब अर्थव्यवस्था में संकट है। सरकार को ₹2-3/लीटर कीमतें घटानी चाहिए। OMCs को LPG घाटा, विस्तार योजना फिलहाल रोकना होगा।
उन्होंने आगे कहा कि 40,000 करोड़ रुपये के करीब एलपीजी का घाटा रहने की उम्मीद है। क्रूड के दाम बढ़े रहने से कंपनियां मार्जिन को मैनेज कर रही थी। OMCs का मार्जिन अभी 8-9 रुपये का है। कीमतें घटाने पर कंपनियों का मार्जिन घटेगा। मार्जिन 4 रुपये से नीचे जाना OMCs के लिए ठीक नहीं है।
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